हिसार : माता सावित्री बाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेकर आपसी भाईचारे को मजबूत बनाएं : पवन जांगडा
सावित्रीबाई फूले भवन मोहल्ला सैनियान में मनाई माता सावित्री बाई फुले जयंती
हिसार, 03 जनवरी (हि.स.)। माता सावित्री बाई फुले सोशल वेलफेयर सोसायटी ने
ज्ञान की ज्योति एवं देश की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले की 195वीं
जयंती मनाई। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक लोग शामिल हुए।
इस अवसर पर एडिशनल एडवोकेट जनरल पवन जांगड़ा ने शनिवार काे कहा कि माता सावित्री बाई फुले
नारी जाति के उत्थान में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। सामाजिक कुरीतियों सती प्रथा,
विधवा विवाह, छुआछूत की उन्होंने पुरजोर खिलाफत की। हम सभी उनके जीवन से प्रेरणा लेकर
उनके बताए मार्ग पर चलें, समाज से भेदभाव को दूर कर आपसी भाईचारे को बढ़ावा दें यही
उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। एडवोकेट जांगडा ने माता सावित्री बाई फुले के जीवन
के बारे में बताया कि उनका जन्म 3 जनवरी 1831 को नयागांव, खंडाला जिला सतारा में हुआ
और सामाजिक क्रांति के अग्रदूत ज्योतिराव फुले से विवाह हुआ। इसके उपरांत 1841 में
उन्होंने अपनी शिक्षा शुरू की। 1848 में लड़कियों के लिए देश का पहला स्कूल महाराष्ट्र
पुणे के भिंडेवाडा में खोला। बाद में 10 मार्च 1897 को प्लेग के मरीजों की सेवा करते
हुए उनका निधन हो गया। एडवोकेट जांगड़ा ने कहा कि फुले दम्पति के इस क्रांतिकारी कार्य
में मुस्लिम महिला फातिमा शेख ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। फातिमा 19वीं सदी की पहली
मुस्लिम अध्यापिका हैं। कार्यक्रम में डॉक्टर विजय खन्ना ने कहा कि महिलाओं के उत्थान
एवं समाजहित में किए गए कार्यों में माता सावित्री बाई फुले के योगदान को कभी भुलाया
नहीं जा सकता।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

