हरियाणा के आम अब वैश्विक बाजारों तक पहुंचाएंगे : नायब सिंह सैनी
- पिंजौर में तीन दिवसीय 33वें मैंगो मेले का उद्धघाटन
- 200 से अधिक आम की किस्मों का होगा प्रदर्शन
चंडीगढ़, 10 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम केवल उत्पादक नहीं, बल्कि वैल्यू क्रिएटर और निर्यातक बनें। उन्होंने कहा कि जब हरियाणा के आम लंदन, न्यूयॉर्क, दुबई और टोक्यो के सुपरमार्केट तक पहुंचेंगे,तभी किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि होगी और भारत की पहचान वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छुएगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार की शाम पंचकूला के ऐतिहासिक यादविन्द्रा गार्डन, पिंजौर में तीन दिवसीय 33वें मैंगो मेले के उदघाटन अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होने अलग अलग राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों द्वारा लगाए गए स्टालस का अवलोकन किया और आम की विभिन्न किस्मों में गहरी रूची दिखाई। इस अवसर पर विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा और देश के अलग-अलग राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों, बागवानों, उद्यमियों और पर्यटकों का स्वागत करते हुए कहा कि मैंगों मेले में 200 से अधिक आम की किस्में प्रदर्शित की गई हैं जो हमारे किसानों के अनुभव, नवाचार और परिश्रम का परिणाम हैं। उन्होंने हरियाणा पर्यटन निगम और बागवानी विभाग को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि यह मेला किसान की मेहनत का सम्मान है और हरियाणा की कृषि शक्ति का उत्सव है।
उन्होने कहा कि किसान की मेहनत का पूरा मूल्य तभी मिलेगा जब वह बाजार की ताकत भी बने। इसी सोच से देशभर में फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन का नेटवर्क बन रहा है। छोटे किसानों के जुडने से लागत घटती है और आय बढ़ती है।
उन्होने कहा कि आज ड्रोन खेत सर्वेक्षण कर रहे हैं, एआई मिट्टी की सेहत जांच रहा है, मौसम की जानकारी मोबाइल तक पहुंच रही है। एआई आधारित डिजिटल अकाउंटिंग से किसान अपने मोबाइल पर ही खर्च-आमदनी का पूरा हिसाब रख सकता है। यही स्मार्ट खेती का भविष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिजोत छोटी होती जा रही है, इसलिए सरकार किसानों को बागवानी फसले लगाने के लिए प्रेरित कर रही है। नया आम बाग लगाने पर 42 हजार रुपये प्रति एकड़ सब्सिडी दी जाती है। साथ ही आम की फसल को भावांतर भरपाई योजना में भी शामिल किया गया है।
उन्होने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। वर्ष 2022 में शुरू हुई प्राकृतिक खेती योजना धरती की सेहत बचाने, लागत घटाने और भविष्य सुरक्षित करने का संकल्प है। लगभग 2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ भूमि पंजीकृत करवाई है, 24 हजार किसान 44 हजार एकड़ से अधिक पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उन्होने बताया कि वर्ष 2025-26 में 20 हजार 727 एकड़ में प्राकृतिक खेती हुई और इस वर्ष प्राकृतिक खेती के लिए 30 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि पर्यटन एवं बागवानी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किए जा रहे 33वें मैंगो मेले में आम की 200 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया गया है। इस मेले में हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के आम उत्पादकों द्वारा आम की बेहतरीन किस्में प्रदर्शित की गई हैं, जो मेले का विशेष आकर्षण बनी हुई हैं।
अरविंद शर्मा ने बताया कि मैंगो मेले के दौरान किसानों के लिए अनेक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया है। इसके तहत 'आम रत्न' और 'आम केसरी' पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

