हिसार : गन्ने के भाव में मामूली बढ़ोतरी ऊंट के मुंह में जीरे के समान : बृजलाल बहबलपुरिया
कांग्रेस जिला अध्यक्ष बोले- किसानों की लागत के अनुरूप नहीं बढ़ाए गए दाम
सरकार किसान हितैषी होने का ढिंढोरा पीटने के बजाय उनकी आय बढ़ाने पर दे ध्यान
हिसार, 30 अक्टूबर (हि.स.)। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया ने हरियाणा
में गन्ने के भाव में बढ़ोतरी पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि गन्ने के दाम में
की गई मामूली बढ़ोतरी किसानों की बढ़ती लागत के मुकाबले नाकाफी है। उन्होंने कहा कि
सरकार इस बढ़ोतरी को बड़ी सौगात बताकर प्रचार कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि किसानों
को महंगाई, खेती की बढ़ती लागत और घटते मुनाफे जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा
है। गन्ने के भाव में की गई यह बढ़ोतरी किसानों के लिए ऊंट के मुंह में जीरे के समान
है।
बृजलाल बहबलपुरिया ने साेमवार काे कहा कि सरकार के अनुसार सीजन 2026-27 में गन्ने का भाव
430 रुपये प्रति क्विंटल और सीजन 2027-28 में 450 रुपये प्रति क्विंटल होगा। सरकार
इसे किसानों के हित में बड़ा फैसला बता रही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या इस बढ़ोतरी
से किसानों की खेती की लागत, खाद, बीज, कीटनाशक, सिंचाई, डीजल और मजदूरी पर होने वाले
खर्च की भरपाई हो पाएगी? उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए ऐसी मूल्य वृद्धि
जरूरी है, जो उनकी वास्तविक लागत और मेहनत के अनुरूप हो।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि यूपीए शासन के दौरान भाजपा के नेता स्वामीनाथन
आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते थे। उस समय किसानों के
हक में बड़े-बड़े दावे करने वाले भाजपा नेताओं को आज अपने शासन में किसानों की फसलों
के लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने चाहिए। बृजलाल बहबलपुरिया ने कहा कि खेती में खाद, बीज, डीजल, बिजली, सिंचाई और मजदूरी
सहित तमाम खर्च लगातार किसानों के सामने चुनौती बने हुए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

