जींद : 423 स्कूलों में निपुण मिशन, 32,852 बच्चों की मजबूत होगी बुनियादी शिक्षा
जींद, 27 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत निपुण मिशन के तहत जिले में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) कार्यक्रम के माध्यम से बाल वाटिका से कक्षा पांचवीं तक के बच्चों में भाषा और गणित की बुनियादी समझ विकसित करने के साथ उन्हें पढऩे में प्रवीण बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
जींद जिले के सभी सातों खंडों के 423 प्राथमिक विद्यालयों में बालवाटिका से कक्षा पांचवीं तक 32,852 बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों के लिए प्राथमिक शिक्षकों द्वारा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से एफएलएन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को केवल किताबों का ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें पढऩे, समझने, लिखने और गणितीय अवधारणाओं का दैनिक जीवन में प्रयोग करने में सक्षम बनाना है।
जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि निपुण मिशन के तहत बच्चों की बुनियादी भाषा और सं या ज्ञान की दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों को उनकी कक्षा और सीखने के स्तर के अनुसार गतिविधियों में शामिल किया जाता है। कहानी, बातचीत, चित्र, खेल, शिक्षण सामग्री और अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चा जितना गतिविधियों में भाग लेता है, उतना ही प्रभावी ढंग से सीखता है। इसलिए एफएलएन कार्यक्रम में रटने के बजाय समझ आधारित और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे बच्चों में सीखने के प्रति रुचि पैदा करने के साथ उनकी बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने में मदद मिल रही है। निपुण मिशन का दायरा केवल भाषा और गणित तक सीमित नहीं है। कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में आवश्यक बुनियादी ढांचे, कक्षाओं और शिक्षण सामग्री को बेहतर बनाने, सभी बच्चों के लिए शिक्षा के समान अवसर सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों तक उनकी आसान पहुंच बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य तथा पोषण को भी महत्वपूर्ण माना गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

