जींद : लाडो पंचायत का फरमान, गाली गलौच और लड़कियों पर अनर्गल टिप्पणी करने वालों को मिले सामाजिक सजा

WhatsApp Channel Join Now
जींद : लाडो पंचायत का फरमान, गाली गलौच और लड़कियों पर अनर्गल टिप्पणी करने वालों को मिले सामाजिक सजा


जींद, 14 सितंबर (हि.स.)। गांव कालवन में बाल एवं महिला अधिकार कार्यकर्ता और बीबीपुर के पूर्व सरपंच सुनील जागलान के नेतृत्व में लाडो पंचायत का आयोजन किया गया। इस लाडो पंचायत में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि गांव में गाली, गलौज करने वालों और विशेष रूप से लड़कियों के बारे में ऊल, जुलूल व अनर्गल बातें करने वालों पर अब सामाजिक सजा और जुर्माना लगाया जाएगा। गांव कालवन में आयोजित इस विशेष लाडो पंचायत में लड़कियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लड़कियों के जीवन से जुड़े फैसले लेने का पहला हक खुद लड़कियों का है। पुरुष प्रधान खाप पंचायतों द्वारा लड़कियों की अनुपस्थिति में उनके पहनावे, पढ़ाई, मोबाइल और शादी जैसे मुद्दों पर फरमान सुनाने की परंपरा अब नहीं चलेगी।

पंचायत की पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक तरीके से अपनाई गई। सुनील जागलान ने भारतीय लोकतंत्र की तर्ज पर प्रधान पद के लिए पर्ची डाल कर चुनाव करवाया। जिसमें खुशी को प्रधान चुना गया और फिर गांव के बुजुर्ग सरपंच ने प्रधान खुशी को पगड़ी पहना कर औपचारिक शुरूवात की। इस दौरान सुनील जागलान ने स्वयं सचिव की भूमिका निभाई। प्रधान बनते ही खुशी ने गाली, गलौच के प्रचलन को खत्म करने और लड़कियों पर टिप्पणी करने वालों पर कार्रवाई का प्रस्ताव सदन में रखा।

प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए खुशी ने कहा कि ऐसे लोगों पर आर्थिक जुर्माने का प्रावधान होना चाहिए ताकि उन्हें अपनी गलती का एहसास हो। सुप्रिया ने मांग रखी कि लड़कियों की अनुपस्थिति में उनके बारे में निर्णय लेने वालों पर संवैधानिक और कानूनी तौर पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान जैस्मिन ने कहा कि हमारी इज्जत कोई बहस का मुद्दा नहीं है, जो हमारे बारे में गलत बोलेगा उसे जवाब मिलेगा। मुस्कान ने कहा कि गाली सिर्फ एक शब्द नहीं यह हिंसा की शुरुआत है, इसे बंद करना होगा। वहीं खुशबू ने कहा कि हम चुप रहने वाली पीढ़ी नहीं, अब फैसला हम खुद करेंगे। इस अवसर पर मौजूद कालवन गांव की सरपंच कविता को जब लाडो पंचायत की प्रधान खुशी ने बोलने का आदेश दिया तो यह दृश्य महिला लोकतंत्र की नई तस्वीर पेश कर रहा था। सरपंच कविता ने कहा कि वह गांव में गाली बंद करने के लिए गाली बंद घर अभियान को पूरी तरह लागू करेंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

Share this story