कुरुक्षेत्र के मथाना में बनेगा जैविक कृषि व आधुनिक प्रबंधन प्रणाली संस्थान : नायब सैनी

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कुरुक्षेत्र के मथाना में बनेगा जैविक कृषि व आधुनिक प्रबंधन प्रणाली संस्थान : नायब सैनी


संस्थान में होंगे कृषि साइंस के यूजी, पीजी से लेकर पीएचडी तक के कोर्स

कैथल-ढांड-पिपली-रादौर-यमुनानगर तक सड़क होगी फोरलेन

चंडीगढ़, 28 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कृषि विकास मेला लाडवा में घोषणा करते हुए बड़ी सौगातें दी हैं। गांव मथाना में 10 एकड़ भूमि पर जैविक कृषि व आधुनिक प्रबंधन प्रणाली संस्थान खोला जाएगा। इस संस्थान में कृषि साइंस के यूजी, पीजी से लेकर पीएचडी तक के कोर्स उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही कैथल से यमुनानगर वाया ढांड, पिपली, रादौर मार्ग को फोरलेन किए जाने की घोषणा की। यह फोरलेन मार्ग एनएच-152डी, एनएच-44 और शामली एक्सप्रेस-वे को जोड़ेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने लाडवा उपमंडल सचिवालय के नए भवन, लोकनिर्माण विभाग की 9 सडक़ों का शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की तरफ से लाडवा अनाज मंडी में आयोजित राज्य स्तरीय कृषि विकास मेले का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ट्रैक्टर पर बैठकर विश्वविद्यालय व किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉलों और कृषि मेले का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कृषि विकास मेला को हरियाणा की कृषि आत्मा का उत्सव बताया जो अन्नदाताओं के परिश्रम, संकल्प और नवाचार का महोत्सव है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगतिशील किसानों ने नवाचारों से कृषि क्षेत्र को गति दी है, जो हमारे अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। इस मेले का थीम जल संरक्षण प्रति बूंद से अधिक फसल रखा गया है। मौजूदा समय में बदलते जलवायु परिदृश्य, घटते भूजल स्तर और अनियमित वर्षा ने कृषि क्षेत्र के सामने अनेक नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऐसे समय में जल संरक्षण पर केंद्रित यह मेला वास्तव में दूरदर्शी पहल है। प्रति बूंद अधिक फसल का अर्थ तकनीक के साथ हमारी सोच में परिवर्तन लाना भी है। उन्होंने कहा कि हमें समझना होगा कि पानी अनंत नहीं है। यह मेला किसानों को जल प्रबंधन की उन्नत तकनीकों से जोडक़र एक जन-आंदोलन का रूप लेगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक शोध को प्रयोगशाला तक सीमित न रखें, बल्कि हर खेत व हर किसान तक पहुंचाएं। किसान और वैज्ञानिक का सीधा संवाद ही कृषि को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। यह मेला किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों, नई तकनीकों और वैज्ञानिक सलाह से जोडऩे का एक सशक्त मंच है। यहां पर 150 से अधिक स्टॉल्स, आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, मिट्टी और पानी की जांच सुविधा, रोगग्रस्त फसलों की जांच व निदान, फसल प्रतियोगिता, लक्की ड्रॉ, ये सब मिलकर इस मेले को ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का संगम बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के शोधित पानी को सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने की 27 योजनाएं तैयार की हैं। इनमें से 11 पूरी हो चुकी हैं।

विश्व भर के लिए धान की फसल का उत्पादन करता है हरियाणा प्रदेश : श्याम सिंह राणा

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा विश्व भर के लिए धान की फसल का उत्पादन करता है। हमारा देश दालों को दूसरे देश से मंगवाता है। अब किसानों को रुटीन की फसलों को छोडक़र अन्य फसलों का उत्पादन करना है। इसके साथ ही सबसे ज्यादा पानी की लागत वाली धान की फसल में तकनीक व सीधी बिजाई का इस्तेमाल करके पैदावार लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को समृद्ध बनाने के लिए पशुपालन, मछली पालन, सब्जी उत्पादन जैसे विकल्प को शामिल किया है। सरकार पशुपालन को बढ़ावा दे रही है।

एचएयू ने लगभग 50 किस्मों पर किया सफल अनुसंधान

कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके साथ ही विभाग की योजनाओं को विस्तार से बताया। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति प्रो. डा. बीआर काम्बोज ने कहा कि एचएयू ने अपने कैंपस के बाहर पहली बार मेले का आयोजन किया है। उन्होंने संस्थान की तरफ से बाजरा, गन्ना, धान सहित लगभग 50 किस्मों पर सफल अनुसंधान किया है। किसानों को धान की सीधी बिजाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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