कैथल अनाज मंडी में धान खरीद नहीं होने पर किसानों ने लगाया जाम, छह लाख क्विंटल से अधिक धान जमा
कैथल, 09 अक्टूबर (हि.स.)। जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक तेज होने के बीच खरीद और उठान की धीमी रफ्तार से किसानों व आढ़तियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। शहर की अतिरिक्त और नई अनाज मंडी में छह लाख क्विंटल से अधिक धान पहुंच चुका है, लेकिन उठान धीमा होने के कारण मंडियों में जाम की स्थिति बनी हुई है। नई अनाज मंडी के सभी रास्ते बंद होने से किसानों को मंडी के बाहर सड़कों पर धान डालने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इसी बीच शुक्रवार को कैथल अनाज मंडी में सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से नाराज किसानों ने सड़क पर जाम लगा दिया। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के पदाधिकारी भी किसानों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। स्थिति यह है कि धान मंडी से बाहर निकलकर मॉडल टाउन, जींद रोड, रेलवे स्टेशन रोड और जाखौली अड्डा तक पहुंच गया है। उठान की धीमी गति से मंडी में आवागमन प्रभावित हो रहा है और किसानों को अपनी फसल उतारने के लिए भी जगह नहीं मिल पा रही है।
खरीद और उठान की व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आढ़तियों ने वीरवार को भी अपनी हड़ताल जारी रखी। आढ़तियों ने ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ रोष जताते हुए कहा कि समय पर धान का उठान नहीं होने के कारण मंडियों में जाम की स्थिति पैदा हो गई है। यदि उठान और खरीद की प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई गई, तो आने वाले दिनों में किसानों और आढ़तियों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
खरीद नहीं होने पर किसानों ने लगाया जाम
शुक्रवार को कैथल अनाज मंडी में सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसान अपनी धान की फसल लेकर मंडी पहुंच रहे थे, लेकिन खरीद एजेंसियों के मौके पर नहीं पहुंचने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। किसानों का कहना था कि उन्हें फसल बेचने के लिए बार-बार मंडी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। खरीद में देरी के कारण उनकी आर्थिक परेशानी भी बढ़ रही है।
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रदेश उपाध्यक्ष महाबीर चहल नरड़ ने कहा कि सरकार किसानों के हित में काम करने के दावे करती है, लेकिन मंडियों में किसान अपनी फसल बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं। यदि समय पर सरकारी खरीद नहीं होगी, तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी का क्या लाभ है? किसान बीज, खाद, डीजल, कीटनाशक और मजदूरी पर भारी खर्च करके फसल तैयार करता है। इसके बाद मंडी में खरीद नहीं होने से उसकी आर्थिक परेशानी और बढ़ जाती है।
सड़क जाम के दौरान किसानों ने प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जब तक धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होती, तब तक वे जाम नहीं खोलेंगे। इसके बाद एसडीएम संजय कुमार मौके पर पहुंचे और तीनों खरीद एजेंसियों को बुलाकर खरीद प्रक्रिया शुरू करवाई। खरीद शुरू होने के बाद किसानों ने जाम खोल दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

