कैथल की दोनों अनाज मंडियों में खरीद व आवक बंद, केवल हुआ धान का उठान
कैथल, 04 नवंबर (हि.स.)। जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक तेज होने के साथ ही उठान की धीमी गति ने किसानों और आढ़तियों की परेशानी बढ़ा दी है। मंडियों में धान रखने के लिए जगह नहीं बची है। इसके चलते बार-बार खरीद और आवक बंद करनी पड़ रही है। बुधवार को कैथल की अतिरिक्त अनाज मंडी और नई अनाज मंडी में भी आवक बंद रही। दोनों मंडियों में केवल धान का उठान किया गया।
धान की बंपर आवक के चलते दोनों मंडियों में जाम जैसी स्थिति बनी हुई है। नई अनाज मंडी में तो धान सड़कों तक पहुंच गया है। आईटीआई रोड, जींद रोड और मॉडल टाउन रोड पर भी धान की ढेरियां लगी हुई हैं। खुले में धान पड़ा होने के कारण किसानों को उसकी सुरक्षा की चिंता सता रही है। किसानों को रात के समय भी अपनी फसल की रखवाली करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि मंडियों में उठान की गति तेज की जानी चाहिए, ताकि मंडियों में जगह खाली हो और किसानों व आढ़तियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
बारीकी धान के अच्छे भाव मिलने से किसानों में खुशी
इस सीजन में बारीकी धान के अच्छे भाव मिलने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। किसान मुकेश, सतनारायण और लखविंद्र ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार धान के भाव में अच्छी तेजी आई है। मंडियों में 1121 किस्म का भाव 5 हजार रुपये, 1718 का 4900 रुपये और मुच्छल का भाव 4800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच रहा है। किसानों का कहना है कि कई साल बाद उन्हें धान के इतने अच्छे भाव मिल रहे हैं। इस बार उत्पादन भी अच्छा हुआ है, जिससे बेहतर आमदनी की उम्मीद है। वहीं, इस सीजन में पहली बार 1509 किस्म के भाव भी 4500 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंचे हैं।
डीएफएससी वरिंद्र सिंह ने बताया कि जिले की मंडियों में अब तक छह लाख 82 हजार मीट्रिक टन धान का उठान हो चुका है, जबकि सात लाख 80 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि इस बार उत्पादन अच्छा होने के कारण मंडियों में धान की आवक अधिक हो रही है। इन दिनों मंडियों में बारीकी और पीआर धान की आवक जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

