हांसी में नहरी पानी चोरी रोकने गई सिंचाई विभाग की टीम पर हमला, जेई व कैनाल गार्ड लहूलुहान
सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़, वीडियो बना रहे कर्मचारियों
से दो मोबाइल छीने
24 घंटे में गिरफ्तारी न होने पर दी हड़ताल की
चेतावनी
हांसी, 30 जुलाई (हि.स.)। टेल एंड तक किसानों
को उनके हिस्से का नहरी पानी पहुंचाने के लिए अवैध जल चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान
के दौरान सिंचाई विभाग की टीम पर कथित रूप से हमला कर दिया गया। हमले में दो जूनियर
इंजीनियर (जेई) और एक कैनाल गार्ड घायल हो गए, जबकि सरकारी वाहन में तोड़फोड़ कर दी
गई। इतना ही नहीं, घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे कर्मचारियों के दो मोबाइल फोन
भी कथित रूप से छीन लिए गए। गंभीर रूप से घायल कैनाल गार्ड को प्राथमिक उपचार के बाद
हिसार रेफर करना पड़ा। घटना के बाद विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष फैल गया है।
जानकारी के अनुसार सिंचाई विभाग की टीम बुधवार
देर रात गांव खरकड़ा के समीप सिवानी फीडर पर नहर से हो रही अवैध पानी चोरी रोकने के
लिए नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने टीम का विरोध करते हुए जेई जितेंद्र
जाखड़, जेई अंकित बिसला और कैनाल गार्ड सचिन पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों
ने सरकारी वाहन के शीशे तोड़ दिए और कार्रवाई के दौरान सबूत नष्ट करने की नीयत से वीडियो
रिकॉर्डिंग कर रहे कर्मचारियों के दो मोबाइल फोन भी छीन लिए।
घटना में घायल कैनाल गार्ड सचिन को पहले हांसी
के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए
हिसार रेफर कर दिया। अन्य घायल कर्मचारियों का भी उपचार कराया गया। सिंचाई विभाग के
अधिकारियों का कहना है कि विभाग का अभियान किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि
नहरी पानी की चोरी रोककर टेल तक बैठे किसानों को उनका अधिकार दिलाने के लिए चलाया जा
रहा है। विभाग इससे पहले भी करीब 150 मीटर लंबी अवैध पाइपलाइन के जरिए नहर से पानी
चोरी करने के मामले में 25 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा चुका है।
जेई अंकित बिसला ने कहा कि विभाग की टीमें लगातार
नहरों पर गश्त कर रही हैं ताकि अंतिम छोर तक किसानों को पर्याप्त पानी मिल सके। उन्होंने
कहा कि सरकारी ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों पर हमला बेहद गंभीर मामला है।
घायल कैनाल गार्ड सचिन ने आरोप लगाया कि सिवानी
फीडर के आरडी नंबर 71700 के पास कुछ लोगों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। उन्होंने कहा
कि आरोपियों ने सरकारी वाहन में तोड़फोड़ करने के साथ-साथ घटना के साक्ष्य मिटाने की
नीयत से दो मोबाइल फोन भी छीन लिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
की।
उधर, घटना की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग कर्मचारी
यूनियन के पदाधिकारी नागरिक अस्पताल पहुंचे। यूनियन के हांसी प्रधान अशोक यादव ने प्रशासन
को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो पूरे
विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। किसान ने भी लगाए गंभीर आरोप
नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन गांव खरकड़ा निवासी
किसान नरेंद्र ने सिंचाई विभाग की टीम पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि कर्मचारियों
ने उसके सौर ऊर्जा सिस्टम से जुड़ी पाइपलाइन काट दी। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट
की गई, जिससे उसके पैर में चोट आई। किसान ने यह भी दावा किया कि हाथापाई के दौरान मजदूरों
की मजदूरी के लिए रखे करीब 50 हजार रुपये भी गायब हो गए। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों
की जांच कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

