हिसार : हकृवि के एबिक से जुड़े 14 स्टार्टअप्स को मिलेगी 59.60 लाख की ग्रांट

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हिसार : हकृवि के एबिक से जुड़े 14 स्टार्टअप्स को मिलेगी 59.60 लाख की ग्रांट


11 स्टार्टअप्स को तीसरी और तीन को दूसरी किस्त की राशि मिलेगी

हिसार, 19 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के एग्री-बिजनेस इन्क्यूबेशन

सेंटर (एबिक) की ओर से आरकेवीवाई-रफ्तार योजना के तहत विश्व उद्यमिता दिवस के उपलक्ष्य

में 20 अगस्त को कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के मौलिक विज्ञान एवं

मानविकी महाविद्यालय में होने वाले कार्यक्रम में एबिक से जुड़े 14 स्टार्टअप्स को

कुल 59.60 लाख रुपये की ग्रांट प्रदान की जाएगी।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने बुधवार काे बताया कि 11 स्टार्टअप्स को

तीसरी किस्त के रूप में कुल 41.60 लाख रुपये तथा तीन स्टार्टअप्स को दूसरी किस्त के

रूप में 18 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि एबिक के माध्यम से कृषि एवं

संबद्ध क्षेत्रों में नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी समाधानों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स

को वित्तीय सहायता के साथ आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

तीसरी किस्त के तहत प्लांटब्रो लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड (रविन शर्मा)

को 3.60 लाख, पीओएस फूड्स एलएलपी (सत्यवीर सिंह) को दो लाख, मायोहू फूड एंड सर्विसेज

प्राइवेट लिमिटेड (हिमांशु मिश्रा) को तीन लाख, लेहर सस्टेनेबल एग्री प्राइवेट लिमिटेड

(विविन राणा) को पांच लाख और हिंदुस्तान एग्रो केयर प्राइवेट लिमिटेड (वेद प्रकाश)

को पांच लाख रुपये मिलेंगे। इसी प्रकार एम्ब्रायोनिक ग्रीन्स ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड

(मोहित) को तीन लाख, वानप्रोज एग्रोवेट एलएलपी (प्रबुद्ध मिश्रा) को चार लाख, कृषि

गुरुकुलम प्राइवेट लिमिटेड (सौरभ गौतम) को दो लाख, खंडेवाला एग्री टेक प्राइवेट लिमिटेड

(परविंदर कुमार) को 4.60 लाख, वेलनैक्स्ट एग्रीकल्चर प्राइवेट लिमिटेड (अनुज हुड्डा)

को 2.40 लाख तथा वेटसर्व एनिमल केयर प्राइवेट लिमिटेड (निधि) को पांच लाख रुपये की

तीसरी किस्त प्रदान की जाएगी।

दूसरी किस्त के तहत एक्वानेट बायोसाइंस प्राइवेट लिमिटेड (परमवीर) को आठ लाख,

अल्फा प्लांटर्स एंड नर्सरीज एलएलपी (अंशुल ललित) को दो लाख तथा सेहदार एलएलपी (अर्जुन

मोहिल) को 10 लाख रुपये की ग्रांट दी जाएगी।

कुलपति ने कहा कि इस तरह की वित्तीय सहायता से कृषि क्षेत्र में नए उद्यमों

को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवा उद्यमियों को अपने नवाचारों को व्यावसायिक रूप देने, बाजार

तक पहुंच बनाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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