हिसार की शोधार्थी को मिला अमेरिका में शोध का अवसर
छात्रा सुनिधि को मिलेगी सात हजार अमेरिकी डॉलर की फेलोशिप
हिसार, 18 जुलाई (हि.स.)। यहां के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग की शोधार्थी सुनिधि ने विश्वविद्यालय का नाम अंतरराष्ट्रीय
स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनका चयन अमेरिका की प्रतिष्ठित मिशिगन टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी
में पांच माह के शोध कार्य के लिए हुआ है। इस शोध प्रवास के दौरान उन्हें विश्वविद्यालय
की ओर से सात हजार अमेरिकी डॉलर की फेलोशिप
भी प्रदान की जाएगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने शनिवार काे इस उपलब्धि पर सुनिधि,
उनके शोध निर्देशक तथा भौतिकी विभाग को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल सुनिधि
के शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि गुजविप्रौवि के लिए भी अत्यंत गर्व
का विषय है।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय शोध अवसर विश्वविद्यालय
के वैश्विक शोध सहयोग, अकादमिक प्रतिष्ठा तथा अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग को नई गति प्रदान
करेंगे। साथ ही यह उपलब्धि अन्य शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को भी उच्च गुणवत्ता
वाले अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगी।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने सुनिधि को बधाई देते हुए कहा कि
यह अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप विश्वविद्यालय के गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण और अनुसंधान
संस्कृति का प्रमाण है, जो भविष्य में अन्य शोधार्थियों के लिए भी वैश्विक संस्थानों
के द्वार खोलेगी। फैकल्टी ऑफ फिजिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी की डीन प्रो. सुजाता सांघी
ने कहा कि सुनिधि का चयन यह दर्शाता है कि गुजविप्रौवि में बुनियादी विज्ञान के क्षेत्र
में उच्च स्तरीय अनुसंधान किया जा रहा है।
भौतिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजेंद्र कुंडू ने इसे विभाग के लिए अत्यंत
गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय शोध अवसर विभाग की
अकादमिक पहचान को और मजबूत करेंगे तथा युवा शोधार्थियों को वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट
प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेंगे।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भौतिकी विभाग के सह-प्राध्यापक एवं
पीएचडी पर्यवेक्षक डॉ. हरदेव सैनी ने बताया कि सुनिधि वहां ‘कंप्यूटेशनल इन्वेस्टिगेशन
ऑफ ऑप्टिकल प्रोपर्टीज ऑफ ग्रेफीन-बेस्ड फ्लेक्स’ विषय पर शोध करेंगी। यह शोध भविष्य में उच्च दक्षता वाले ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक
उपकरणों, लचीले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों तथा अगली पीढ़ी की सौर ऊर्जा तकनीकों के विकास
में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

