हिसार में 6 माह में 182 सड़क हादसे, 95 लोगों की मौत

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हिसार में 6 माह में 182 सड़क हादसे, 95 लोगों की मौत


एडीसी ने दिए सख्त निर्देश, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तेज

हिसार, 28 जुलाई (हि.स.)। जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों पर प्रशासन ने

सख्त रुख अपनाया है। वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में जिले में 182 सड़क दुर्घटनाओं

में 95 लोगों की मौत और 480 लोग प्रभावित हुए हैं। जून माह में ही 14 लोगों की जान

चली गई। इन चिंताजनक आंकड़ों के बीच जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अतिरिक्त

उपायुक्त शालिनी चेतल ने मंगलवार को सभी संबंधित विभागों को दुर्घटनाओं में कमी लाने

के लिए ठोस और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में जनवरी से जून 2026 तक हुई सड़क दुर्घटनाओं की विस्तृत समीक्षा की

गई। अधिकारियों को दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना

संभावित स्थानों पर तत्काल सुधारात्मक उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा में

बताया गया कि 182 दुर्घटनाओं में 82 घातक और 100 गैर-घातक हादसे शामिल हैं।

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा, जून में 16 हजार 571 चालान

बैठक में यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्यौरा भी

प्रस्तुत किया गया। जून माह में हिसार पुलिस ने 16 हजार 229 और आरटीए ने 342 चालान

किए। आरटीए ने नियम तोड़ने वालों पर एक करोड़ 46 हजार 800 रुपये का जुर्माना लगाया।

पुलिस द्वारा जून में किए गए प्रमुख चालानों में 3134 बिना हेलमेट, 1196 ट्रिपल राइडिंग,

168 बिना सीट बेल्ट, 15 रेड लाइट जंप, 1885 ओवर स्पीड, 2622 गलत पार्किंग, 1205 गलत

दिशा, 275 नशे की हालत में वाहन चलाने, 2347 लेन उल्लंघन तथा 3382 अन्य श्रेणियों के

चालान शामिल हैं।

आंकड़ों के अनुसार ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई लगातार बढ़ी है।

मार्च में 10 हजार 333, अप्रैल में 9946, मई में 13 हजार 751 और जून में बढ़कर 16 हजार

229 चालान किए गए।

मॉडल रोड और सेफ्टी ऑडिट के निर्देश

अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल ने राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग,

शहरी स्थानीय निकाय, एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी तथा हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग

बोर्ड को अपने-अपने क्षेत्र में एक-एक मॉडल रोड चयनित कर शीघ्र रिपोर्ट देने के निर्देश

दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने अधीन आने वाले सड़क मार्गों का सेफ्टी ऑडिट कराएं

और जिन सड़कों की डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि अगले छह माह में समाप्त होने वाली है, उन्हें

प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए।

स्कूलों के आसपास सुरक्षा इंतजाम होंगे मजबूत

बैठक में स्कूल जोन की सुरक्षा को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। एडीसी ने

कहा कि स्कूलों के आसपास जेब्रा क्रॉसिंग, स्पीड ब्रेकर, साइनेज, रोड मार्किंग, स्ट्रीट

लाइट और ट्रैफिक मैनेजमेंट की व्यवस्था समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। साथ ही

स्कूलों के पिक-अप और ड्रॉप पॉइंट पूरी तरह सुरक्षित बनाए जाएं और इसकी मासिक रिपोर्ट

भी प्रस्तुत की जाए।

यातायात नियमों का पालन ही बचाएगा जीवन

अतिरिक्त उपायुक्त शालिनी चेतल ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी

नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से हेलमेट और सीट बेल्ट

का अनिवार्य उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, नशे की हालत में वाहन न

चलाने तथा गलत दिशा और लेन में वाहन चलाने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी

विभागों के समन्वित प्रयास और आमजन की भागीदारी से ही सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी

कमी लाई जा सकती है।

बैठक में एसडीएम ज्योति मित्तल, आरटीए सचिव संजय बिश्नोई, सीएमओ डॉ. सपना गहलावत,

डॉ. तरुण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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