हिसार: हरियाणा में किलोमीटर स्कीम की बसों पर परिवहन निदेशालय सख्त, सभी डिपो में जांच के निर्देश
दुर्घटनाओं व यात्रियों से दुर्व्यवहार की शिकायतों पर कार्रवाई की तैयारी
निरीक्षण दल देंगे बसों के संचालन योग्य होने की रिपोर्ट
हिसार में छात्रा की मौत के बाद फिर उठे सवाल
रोडवेज संगठन उठा चुके बसों
का रंग बदलने की मांग
हिसार, 14 अक्टूबर (राजेश्वर)। किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित बसों में अनियमितताओं,
दुर्घटनाओं और यात्रियों से दुर्व्यवहार की लगातार मिल रही शिकायतों पर राज्य परिवहन
विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। परिवहन निदेशालय ने बुधवार काे प्रदेश के सभी डिपो महाप्रबंधकों
को पत्र जारी कर इन बसों का निरीक्षण करवाने और नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित
करने के निर्देश दिए हैं। निदेशालय ने माना है कि इन बसों के संचालन को लेकर लगातार
मिल रही शिकायतों से विभाग की छवि धूमिल हो रही है।
राज्य परिवहन महानिदेशक की ओर से बुधवार को जारी पत्र में सभी महाप्रबंधकों
को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ निरीक्षण दलों को स्पष्ट आदेश जारी करें।
निरीक्षण दल यह जांच करेंगे कि (510) किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित बसें निर्धारित
मानकों के अनुरूप हैं या नहीं और यात्रियों के परिवहन के लिए संचालन योग्य हैं या नहीं।
इसके बाद निरीक्षण दलों को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान सामने आने वाली अनियमितताओं पर
अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाए। इसके लिए महाप्रबंधकों को अपने स्तर पर
निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
किलोमीटर स्कीम की बसों को लेकर मुख्यालय को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से
दुर्घटनाओं और चालकों द्वारा यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें मिल रही हैं।
आरोप हैं कि कुछ बसों के चालक लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा
बढ़ता है। हाल ही में हिसार में किलोमीटर स्कीम की बस की चपेट में आने से गुरु जम्भेश्वर
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की एक छात्रा की मौत हो गई थी। प्रदेश के अन्य
क्षेत्रों से भी ऐसी दुर्घटनाओं के मामले सामने आते रहे हैं।
रोडवेज बसों जैसा रंग होने से भ्रम
किलोमीटर स्कीम की बसों का रंग हरियाणा रोडवेज की बसों जैसा ही है। इनमें केवल
आगे और पीछे की ओर छोटी-सी लाल पट्टी लगाई गई है। ऐसे में दुर्घटना होने पर लोग कई
बार इन्हें रोडवेज की बस समझ लेते हैं, जबकि जांच में संबंधित बस किलोमीटर स्कीम की
निकलती है।
हिसार में छात्रा की मौत के मामले में भी ऐसा भ्रम पैदा हुआ था। इसके बाद रोडवेज
अधिकारियों और कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को स्पष्ट किया था कि दुर्घटनाग्रस्त बस
रोडवेज की नहीं, बल्कि किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित थी। हिसार डिपो के यातायात प्रबंधक प्रीतम कुमार ने बताया कि मुख्यालय की ओर से
इस संबंध में पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र में दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की
जाएगी। जांच के दौरान यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो उसके अनुरूप कदम उठाए जाएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

