रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने किया जींद जंक्शन का दौरा
जींद, 11 जुलाई (हि.स.)। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार शनिवार को अपने स्पेशल रेलवे यान से जींद जंक्शन पहुंचे।
इस दौरान उनके साथ उत्तर रेलवे महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडेय व डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने जींद जंक्शन की बिल्डिंग व हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने कहा कि 17 जुलाई को प्रधानमंत्री हाइड्रोजन ट्रेन देश को समर्पित करेंगे। यह रेलवे का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है।
उन्होंने कहा कि जो ट्रेन यह बनाई गई है यह सबसे शक्तिशाली 2400 पावर की है। यह परियोजना स्वदेशी भारत योजना के तहत पूरी की गई है। यह हमारे लिए गौरव की बात है। हाइड्रोजन गैस का सही उत्पादन नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन गैस यहां भी बनाई जा सकती है और बाहर से भी ली जा सकती है। जिस हिसाब से जरूरत होती है, उसके अनुरुप कार्य किया जाता है।
वर्तमान में दोनों ही तरीके से गैस का उपयोग किया जा रहा है। जब इस प्लांट को बनाया गया था तो दोनों ही तरीके से हाइड्रोजन गैस की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश भर में 75 स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। इसका मुख्य कार्यक्रम जालंधर में होगा। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अलग-अलग छोटे-बड़े काफी स्टेशनों का काफी बेहतर सुधार हुआ है। जींद रेलवे जंक्शन भी बेहतर सुंदर बना है। पूरे भारत में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1377 स्टेशनों के तहत सुंदर बना रहे हैैं। इसमें छोटे व बड़े स्टेशन दोनों को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि जींद जंक्शन का जीर्णोद्धार 25 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। जींद से सोनीपत के अलावा अन्य कहां हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की योजना के सवाल पर मैनेजर सतीश कुमार ने कहा कि यह एक नई तकनीक है। इसको पहले परखा जाएगा और इस पर आगे कार्य किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

