सिरसा में दूषित पेयजल आपूर्ति से दर्जनों लोग पीलिया व लीवर संक्रमण की चपेट में
सिरसा, 04 अगस्त (हि.स.)। सिरसा जिले के गांव देसूजोधा में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण दर्जनों लोग पीलिया और लीवर संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। कई संक्रमित अस्पताल में भर्ती हैं तो लोग घरों में ही उपचार ले रहे हैं। बीमारी की चपेट में आए लोग साथ लगते पंजाब के रामां मंडी, बठिंडा एम्स व डबवाली के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती हैं। बताया जा रहा है कि गांव में पेयजल की पाइप लाइन डाली जा रही है और गंदे नाले का पानी इसमें मिश्रित होकर लोगों के घरों तक पहुंचा जो बीमारी का कारण बना। स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है और गांव में सर्वे कर सैंपल लिए जा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में पिछले एक पखवाड़े से दूषित पानी की आपूर्ति होती रही, लेकिन संबंधित विभागों ने शिकायत के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों में जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष हैं। ग्रामीणों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री व उपायुक्त से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति व मरीजों का उपचार करवाने की गुहार लगाई हैं। सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और स्वास्थ्य मंत्री से मांग की कि देसूजोधा में तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाकर घर-घर स्क्रीनिंग कराई जाए, गंभीर मरीजों के उपचार की समुचित व्यवस्था की जाए और गांव में स्वच्छ पेयजल की निर्बाध वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही पेयजल में सीवरेज का पानी मिलने के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए।
ग्रामीणों मंगलवार को बताया कि गांव में पेयजल लाइन डालने का काम किया जा रहा है। नई पेयजल पाइपलाइन बिछाने के कार्य में लापरवाही के कारण गंदे नाले का पानी पेयजल घरों तक पहुंचा। बार-बार शिकायतें की गई, लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने बताया कि जो पानी टंकियों में स्टोर किया गया है उसमें दुर्गंध आ रही है। दूषित पानी पीने से कई परिवारों के चार से पांच सदस्य बीमार है और घर पर ताला लगाकर अस्पताल में उपचारधीन हैं। ग्रामीण दूर-दराज से पीने का पानी ला रहे हैं या जिन घरों में आरओ लगे हैं उनसे पानी मांग कर पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों की मांग है कि स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जाए और प्रभावित लोगों की जांच कर उनका उपचार किया जाए।
देसूजोधा सीएचसी के डॉक्टरों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों का बीमार होना दूषित पानी भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि गांव में सर्वे किया जा रहा है और मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। प्रभावित लोगों का उपचार किया जा रहा है।
सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि यह प्रशासन की गंभीर लापरवाही है। सरकार को तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गांव में तैनात कर प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति की जांच और उपचार सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देसूजोधा की घटना कोई अलग मामला नहीं है। सिरसा नगर सहित जिले के अनेक गांव लंबे समय से स्वच्छ पेयजल के संकट से जूझ रहे हैं। कई क्षेत्रों में लोगों को अत्यधिक टीडीएस वाला पानी पीना पड़ रहा है और कुछ गांवों में पानी का टीडीएस स्तर 1900 तक बताए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसा पानी लंबे समय तक इस्तेमाल करने को मजबूर होना ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। सरकार को पूरे जिले में पेयजल के नमूनों की नियमित और पारदर्शी जांच कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma

