जींद : समस्याओं का समाधान न होने पर खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं ने की हड़ताल

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जींद : समस्याओं का समाधान न होने पर खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं ने की हड़ताल


जींद, 27 अप्रैल (हि.स.)। जिलाभर में खाद दवाई एवं बीज एसोसिएशन के आह्वान पर खाद, बीज तथा कीटनाशक दुकानदारों ने सोमवार को दो बजे तक अपनी दुकानों को बंद रखा। दुकानदारों ने कहा कि टैगिंग की समस्या, यूरिया और डीएपी जैसे अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर जरूरी उत्पाद थौंपे जा रहे हैं। जो कि न तो उपभोक्ता के लिए सही हैं और न ही दुकानदार के लिए। इसलिए सरकार इस तरफ ध्यान दे। जिलाभर में सभी दुकानदारों ने सुबह से लेकर दो बजे तक अपनी दुकानें बंद रख विरोध जताया है।

हड़ताल को लेकर एआईडीए के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला प्रधान की जिम्मेदारी संभाल रहे पवन गर्ग ने कहा कि समस्याओं का समाधान न होने के कारण देश के लगभग पांच लाख कृषि आदान व्यापारियों ने हड़ताल में भागेदारी की है। इस अवसर पर पवन गर्ग के साथ सुरेंद्र गर्ग, मोहनलाल, रामू दालमवाला, सुनील, विनोद कुमार, संदीप, अनुज कुमार, नवीन गर्ग ने कहा कि अगर अनदेखी का दौर खत्म नहीं हुआ तो फिर व्यापारी बड़ा निर्णय लेने पर मजबूर होंगे। जिला प्रधान पवन गर्ग ने कहा कि उर्वरक निर्माता कंपनियों द्वारा सब्सिडी वाले खाद के साथ अनुपयोगी उत्पादों की जबरन लिंकिंग को अपराध घोषित किया जाए। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय की तर्ज पर पूरे देश में अनुदानित उर्वरक के साथ गैर अनुदानित उत्पाद बेचने की बाध्यता पर रोक लगेए खाद की डिलीवरी डीलर के बिक्री केंद्र तक कंपनियों द्वारा सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में यूरिया जैसे खाद की डिलीवरी रेल हेड पर दी जा रही है। जिससे डीलरों को प्रति बैग 40 से 50 रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है।

यही नहीं बढ़ती लागत और महंगाई को देखते हुए उर्वरकों पर डीलर मार्जिन को बढ़ा कर कम से कम आठ प्रतिशत किया जाए। ग्रामीण खुदरा विक्रेताओं के लिए इस पोर्टल को वैकल्पिक बनाया जाए और इसकी अनिवार्यता केवल निर्माताओं एवं थोक विक्रेताओं तक सीमित रखी जाए। अवैध बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगे या अधिकृत डीलरों को विनियमित बिक्री की अनुमति दी जाए, खाद, बीज एवं कीटनाशक के सीलबंद पैकिंग में नमूना फेल होने पर विक्रेता को अपराधी नही बल्कि केवल गवाह माना जाए। चूंकि विक्रेता जिला कृषि अधिकारी से प्राप्त लाइसेंस के आधार पर केवल सीलबंद माल बेचता है। अत: गुणवत्ता की पूर्ण जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की होनी चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

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