मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से बीएलए की बैठकें कराने का आग्रह किया

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-22 सितंबर को होना है मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन

चंडीगढ़, 02 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ बैठकें आयोजित करने का आग्रह किया है।

उन्होंने कहा कि बैठकों की तिथि और समय की जानकारी चुनाव अधिकारियों को पहले से दी जाए तथा उनकी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि राज्य में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण 14 जुलाई तक चलेगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

ए. श्रीनिवास आज चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित अपने कार्यालय में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एसआइआर को लेकर बैठक कर रहे थे। उन्होंने सूचित किया कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। जिन मामलों में 'गणना फॉर्म' वापस नहीं मिले हैं, वहां बूथ स्तर के अधिकारी पड़ोस के निवासियों से पूछताछ कर अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, या डुप्लिकेट जैसे संभावित कारणों की पहचान कर सकते हैं और उसी के अनुसार रिकॉर्ड दर्ज कर सकते हैं। बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि वे जानकारी एकत्र करने के लिए ऐसे प्रत्येक घर का कम से कम तीन बार दौरा करेंगे।

उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं हैं, उनकी बूथ-वार सूची पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों और ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारियों के कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी ताकि जनता की इन सूचियों तक पहुंच सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही नाम शामिल न होने के संभावित कारण भी प्रदर्शित किए जाएंगे। आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इन सूचियों को संकलित करने और उन्हें सीईओ की वेबसाइट पर सुलभ प्रारूप में अपलोड करने के साथ-साथ संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर भी ऐसी ही सूचियां अपलोड करने का निर्देश दिया है।

घर-घर जाकर गणना की प्रक्रिया के दौरान, बीएलओ को नए मतदाताओं के नामांकन की सुविधा के लिए कम से कम 30-40 खाली फॉर्म-6 आवेदन और खाली घोषणा पत्र (अनुबंध-4) साथ ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अधिनियम 1950 की धारा 17 व 18 के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में अपना पंजीकरण करवाने का हकदार नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार की श्रेणियों जैसे कि मृत्यु या किसी अन्य कारण से मृत मतदाता का नाम विशेष गहन निरीक्षण 2026 की ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जायेगा।

श्रीनिवास ने बताया कि हरियाणा में आखिरी बार विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष2002में आयोजित किया गया था। गणना फॉर्म आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सभी जिला मुख्यालयों और निर्वाचन क्षेत्रों में एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर 1950 स्थापित किया गया है। यह हेल्पलाइन सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक दो पालियों में काम करेगी। उन्होंने बताया कि अब तक पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 2,06,55,929 है जिनमें से 75,63, 762 मतदाताओं का गणना प्रपत्र डिजिटाइज़ किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि एसआइआर के कार्य में 20629 बीएलओ कार्य कर रहे हैं और औसतन प्रति बीएलओ 1028 मतदाताओं की संख्या है।

उन्होंने दोहराया कि एसआईआर कार्य में लगे अधिकारियों पर कोई अनुचित दबाव नहीं होगा और यह अभ्यास सुचारू रूप से आयोजित किया जाएगा। राज्यों के मुख्य सचिवों को जारी ईसीआई के निर्देशों के अनुसार, जिला निर्वाचन अधिकारी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में अधिसूचित कोई भी पद खाली नहीं रहेगा। इसके अलावा,एसआईआरकार्य से जुड़े किसी भी अधिकारी व कर्मचारी तबादला आयोग की पूर्वानुमति के बिना नहीं किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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