सोनीपत: स्कूल की बदहाली पर मानवाधिकार आयोग सख्त, 104 शिकायतों का संज्ञान
सोनीपत, 23 सितंबर (हि.स.)। गोहाना
के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की कमी से जुड़ी 104 शिकायतों
पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने अधिकारियों को स्कूल का बुधवार
को मौके पर निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट अगली सुनवाई
से कम से कम एक सप्ताह पहले आयोग के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।
आयोग
के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि स्कूल में सुरक्षित
भवन, पर्याप्त कक्षाएं, उचित वेंटिलेशन और खेल सुविधाएं विद्यार्थियों के स्वास्थ्य,
सुरक्षा, गरिमा और शिक्षा से जुड़ी हैं। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि स्कूल में पहले
खेल मैदान था, लेकिन अब विद्यार्थियों के लिए मैदान उपलब्ध नहीं है। कक्षाओं में पर्याप्त
जगह और प्राकृतिक रोशनी व हवा की कमी के साथ प्रयोगशाला और खेल सुविधाओं की कमी का
भी मुद्दा उठाया गया है। स्कूल के आसपास कथित अतिक्रमण की शिकायत भी की गई है।
शिकायतकर्ताओं
ने अतिक्रमण हटाने और स्कूल के लिए उपलब्ध बताई गई करीब 3.5 एकड़ जमीन पर भवन व खेल
मैदान विकसित करने की मांग की है। आयोग ने जमीन की स्थिति और मालिकाना हक की जांच कर
यह स्पष्ट करने को कहा है कि जमीन स्कूल भवन या खेल मैदान के लिए निर्धारित है या नहीं।
आयोग
ने महानिदेशक, माध्यमिक शिक्षा, हरियाणा को जिला शिक्षा अधिकारी सोनीपत के माध्यम से
स्कूल का भौतिक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में स्कूल के नाम या कब्जे
में दर्ज जमीन, उसकी स्थिति, खेल मैदान, कक्षाओं की संख्या व आकार, वेंटिलेशन, प्राकृतिक
रोशनी, प्रयोगशाला, खेल, शौचालय, पेयजल और अन्य सुविधाओं के साथ विद्यार्थियों के नामांकन
का विवरण देना होगा। स्कूल की सुविधाएं निर्धारित शिक्षा नियमों के अनुरूप हैं या नहीं,
यह भी स्पष्ट करना होगा।
उपायुक्त
सोनीपत को राजस्व और स्थानीय प्राधिकरण के माध्यम से जमीन के स्वामित्व तथा अतिक्रमण
का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। अतिक्रमण मिलने पर उसे हटाने के लिए प्रस्तावित
कार्रवाई की जानकारी देनी होगी। स्कूल भवन, कक्षाओं, प्रयोगशाला, कार्यशाला, खेल मैदान
और आसपास की जमीन के हालिया छायाचित्र, स्थल योजना और सीमांकन रिपोर्ट भी मांगी गई
है। असिस्टेंट
रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा के अनुसार अगली सुनवाई 4 नवंबर 2026 को होगी। मुख्य शिकायत
पर जारी आदेश शेष 103 शिकायतों पर भी लागू होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

