हरियाणा में 15 जून से शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान

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हरियाणा में 15 जून से शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान


दो करोड़ छह लाख मतदाताओं से रूबरू होंगे 20 हजार बीएलओ

राज्य के 20,629 बीएलओ घर-घर देंगे दस्तक

चंडीगढ़, 14 जून (हि.स.)। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए.श्रीनिवास ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की शुरुआत 15 जून से की जा रही है। इस अभियान के तहत 15 जून से 14 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे तथा एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे।रविवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में श्री निवास ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 929 मतदाता पंजीकृत हैं तथा 20,629 मतदान केंद्र स्थापित हैं। राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ नियुक्त किया गए है, जो प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर मतदाताओं का विवरण सत्यापित करेंगे। मतदाताओं को दिए जाने वाले एन्यूमरेशन फॉर्म को भरकर हस्ताक्षर सहित बीएलओ को वापस देना आवश्यक होगा। आयोग के निर्देशानुसार जिन मतदाताओं के भरे हुए फॉर्म प्राप्त नहीं होंगे, उनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि बीएलओ प्रत्येक घर पर कम से कम तीन बार संपर्क करने का प्रयास करेंगे। यदि किसी कारणवश परिवार के सदस्य उपलब्ध नहीं होते हैं तो बीएलओ एन्यूमरेशन फॉर्म घर के दरवाजे के नीचे डालेंगे तथा एक नोटिस छोडग़े जिसमें उनका नाम और मोबाइल नंबर अंकित होगा, ताकि संबंधित व्यक्ति उनसे संपर्क कर सके।

उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिक भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऐसे नागरिक निर्धारित प्रपत्र-6 एवं आवश्यक घोषणा-पत्र के साथ आवेदन कर सकेंगे। ए.श्रीनिवास ने बताया कि विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 21 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 18 सितंबर तक उनका निपटान किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इससे पूर्व वर्ष 2002 में राज्य में व्यापक स्तर पर मतदाता सूची का घर-घर सत्यापन का कार्य किया गया था। उसके बाद पहली बार निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत पुन: राज्यव्यापी स्तर पर यह प्रक्रिया संचालित की जा रही है। अब तक औसतन 64.7 प्रतिशत मैपिंग का कार्य किया जा चुका है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों के कार्यों में सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित करने के लिए राज्य के विभिन्न नगर निगमों के आयुक्तों (म्यूनिसिपल कमिश्नरों) को अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेवारी भी दी गई है।

यह दस्तावेज हाेंगे मान्य

--केंद्र सरकार, राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा पहचान पत्र

--भारत में सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआईसी अथवा सार्वजनिक उपक्रम द्वारा एक जुलाई 1987 से पूर्व जारी पहचान पत्र

--प्रमाण-पत्र अथवा अन्य दस्तावेज

--जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट

--मैट्रिकुलेशन या अन्य शैक्षणिक प्रमाण-पत्र

--स्थायी निवास प्रमाण-पत्र

--वन अधिकार प्रमाण-पत्र

--सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी

--एससी, एसटी अथवा अन्य जाति प्रमाण-पत्र

--राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) में दर्ज विवरण

--राज्य अथवा स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर

--सरकार द्वारा जारी भूमि अथवा मकान आवंटन प्रमाण-पत्र

भाजपा ने सर्वाधिक 15 हजार बीएलए किए तैनात

उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में सहयोग के लिए राजनीतिक दलों द्वारा बड़ी संख्या में बीएलए -2 नियुक्त किए गए हैं। अब तक भारतीय जनता पार्टी के 15,808, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 12,855, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) के 270, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के 217 तथा अन्य राजनीतिक दलों के 214 बीएलए नियुक्त किए जा चुके हैं। एक बीएलए प्रतिदिन 50 एन्यूमरेशन फॉर्म बीएलओ को जमा कर सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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