राज्यपाल ने अभिभाषण में ग्रामीण विकास के विजन की तस्वीर पेश की
हरियाणा: ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएं, 6222 पंचायतें ब्रॉडबैंड से जुड़ीं, 963 करोड़ नई परियोजनाएं
चंडीगढ़, 20 फ़रवरी (हि.स.)। नायब सरकार का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी तर्ज पर अत्याधुनिध सुविधाएं मुहैया करवाना है। 6222 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्राडबैंड के साथ जोड़ा गया है तो हर ग्रामीण घर में नल के पानी का कनेक्शन देने में हरियाणा अग्रणी राज्य है।शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने अभिभाषण में नायब सरकार के ग्रामीण विकास के विजन की तस्वीर पेश की। नायब सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने के साथ डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाना भी है। इसके साथ ही, पंचायतों को सशक्त बनाकर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देना है। भारतनेट विस्तार प्रोजेक्ट के माध्यम से ग्राम पंचायतों को हाई स्पीड ब्राडबैंड के साथ जोड़ा जा रहा है। ब्राडबैंड कनेक्टिविटी से ग्राम पंचायत, राजकीय विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस स्टेशन डिजिटल मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। वहीं, महाग्राम योजना के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में शहरी स्तर की सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। अब तक, 19 गांवों में परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 43 गांवों में कार्य प्रगति पर है। सरकार की ओर से युवा वर्ग को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 983 अटल लाइब्रेरी, 415 इनडोर जिम, 616 महिला सांस्कृतिक केंद्र बनाए गए हैं।
963 करोड़ की नई परियोजनाओं को स्वीकृति
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास गति को बढ़ाने के लिए 963 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। यही नहीं, सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए 830 गांवों में स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं और 283 करोड़ रुपये की लागत से गांवों के कच्चे रास्तों को पक्का किया गया है। अमृत सरोवर योजना के तहत 724 तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया है, जोकि भू-जलस्तर को बढ़ाने में कारगर साबित होंगे। गांवों को स्वच्छ रखने के लिए सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजैक्ट तैयार किए गए हैं। नायब सरकार विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी को लागू करने और 125 दिन प्रतिवर्ष की मजदूरी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, इससे गांव के गरीबों के लिए रोजगार की सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
7299 गांवों और 85 कस्बों में पेयजल आपूर्ति की गई सुनिश्चित
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से 7299 गांवों और 85 कस्बों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में 17 नजर आधारित जलघर, 287 ट्यूबवेल और 52 बूस्टिंग स्टेशन बनाकर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है। इसके साथ ही अमरुत 2.0 के तहत 1727 करोड़ की लागत से 57 नई पेयजल और सीवरेज परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसमें से 56 परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

