निजी वाहनों का प्रयोग कम कर हर गांव को बस सेवा से जोड़ा जाए: नायब सैनी

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निजी वाहनों का प्रयोग कम कर हर गांव को बस सेवा से जोड़ा जाए: नायब सैनी


चंडीगढ़, 26 मई (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पेट्रोल व डीजल की खपत को कम करने के लिए निजी वाहनों के प्रयोग में कमी लाना जरूरी है और यह तभी होगा जब अधिक से अधिक लोगों तक सरकारी बसों की सुविधा पहुंचेगी। परिवहन विभाग ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बढ़ी हुई आबादी तथा भविष्य में पैदा होने वाली मांग के अनुरूप पूरे प्रदेश का रूट मैप बनाए और रिवाइज रूट प्लान के अनुरूप ज्यादा से ज्यादा गांवों व शहरों को बस सुविधा से जोड़े।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंगलवार को चंडीगढ़ में परिवहन विभाग के अगले 5 वर्षों के रोडमैप व कार्ययोजना के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि यदि परिवहन विभाग उचित प्रबंधन करे तो बसों की कमी भी दूर हो सकती है और अधिक से अधिक लोगों तक परिवहन सुविधाओं तक पहुंच भी सुनिश्चित की जा सकती है।

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि समय के साथ प्रदेश में मौजूद लगभग 6500 गांवों और शहरी क्षेत्र में आबादी तो बढ़ी है लेकिन परिवहन विभाग की बसों की पहुंच इसकी तुलना में उतनी नहीं बढ़ सकी है। विभाग नई जरूरतों के अनुसार पूरे प्रदेश का रूट प्लान तैयार करे और हर गांव तक बसों की पहुंच सुनिश्चित करने की योजना तैयार करे, ताकि विद्यार्थियों व महिलाओं के साथ-साथ कामकाजी व्यक्ति भी बसों का अधिक से अधिक प्रयोग करें। इससे निजी वाहनों के प्रयोग में कमी आए। गांवों का सर्कल बनाकर आपस में बसों से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले शहरों के आंतरिक हिस्सों में लोकल बसें चलती थीं, जो शहर के एक हिस्से को दूसरे से जोड़ती थीं लेकिन अब ऐसी बसों की संख्या बहुत कम हो गई है जबकि शहरी क्षेत्रों का काफी विस्तार हो गया है। इससे शहरों के बाहरी हिस्सों में स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों के कामगारों को अपने वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सभी शहरों में प्रमुख अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक स्थानों तक सिटी बसों की पहुंच सुनिश्चित की जाए। गुरुग्राम, फरीदाबाद व सोनीपत जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कामगारों के लिए विशेष बसें चलाई जाएं और मेट्रो स्टेशनों तथा बस स्टैंडों तक मिनी बसें चलाई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में सभी बसों को रेलवे की तर्ज पर ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा जाए ताकि यात्री ऐप के माध्यम से देख सकें कि कौन सी बस इस समय कहां है और किस स्टॉप पर किस समय पहुंचेगी। प्रत्येक बस की डिपो से चलने के बाद रियल टाइम लोकेशन दिखाई देनी चाहिए।

एक साल में 10 नए इलेक्ट्रिक बस स्टैंड बनेंगे

नायब सिंह सैनी ने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा भविष्य में अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक बसें ही खरीदी जाएं। इनकी चार्जिंग के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले एक साल के भीतर प्रदेश में 10 नए इलेक्ट्रिक बस स्टैंड बनाए जाएंगे। बस स्टैंड पर सवारियों के लिए जहां इलेक्ट्रिक बस खड़ी होगी वहीं पर उनके चार्जिंग प्वाइंट लगवाए जाएं। बस में सवारियों के चढ़ने और उनकी टिकट काटने के दौरान ही बसों को चार्ज करने की व्यवस्था की जाए।

प्रदेश में 20 लाख नए हैप्पी कार्ड वितरित किए जाएंगे

मुख्यमंत्री सैनी ने प्रदेश में हैप्पी कार्ड योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि अब तक लगभग 20 लाख व्यक्तियों को हैप्पी कार्ड दिए जा चुके हैं तथा 20 लाख नए कार्ड जल्द वितरित किए जाएंगे। नए कार्डों के वितरण के संबंध में उन्होंने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आईटी बेस्ड स्मार्ट ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से निजी व व्यावसायिक वाहनों के लिए दी जाने वाली ट्रेनिंग के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गाड़ी पास करने की मैनुअल प्रक्रिया को बंद कर इसे भारत सरकार द्वारा जारी नए प्रावधानों के अनुसार ऑटोमैटिक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि गाड़ी पास करने के लिए प्रतीक्षा में लगने वाले समय को कम किया जाए।

बिना पीयूसी वाहनों की पहचान के लिए लगेंगे नंबर प्लेट रीडिंग कैमरे

सैनी ने कहा कि प्रदूषण फैलाने और पीयूसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) सर्टिफिकेट के बिना चलने वाले वाहनों पर अंकुश लगाया जाए। इसके लिए प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडिंग कैमरे लगाए जाएं जो वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करके यह पहचान सकें कि किस वाहन का पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं है। ऐसे वाहनों को पेट्रोल-डीजल न दिया जाए। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्य प्रगति पर है और प्रथम चरण में सभी एनसीआर जिलों में 30 सितंबर तक यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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