हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अब गूंजेगा राज्य-गीत
चंडीगढ़, 24 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में अब सप्ताह में एक दिन प्रार्थना सभा के दौरान राज्य-गीत की गूंज सुनाई देगी। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने विद्यार्थियों में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, गौरव और राज्य के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के उद्देश्य से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के तहत राजकीय विद्यालय में सप्ताह में एक दिन हरियाणा राज्य-गीत का गायन किया जाएगा। साथ ही, विद्यार्थियों को राज्य-गीत के बोल उपलब्ध कराने, एमपी-3 साझा करने और प्रार्थना सभा का संचालन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष अभ्यास कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि राज्य-गीत के नियमित गायन से विद्यार्थियों में प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली विरासत के प्रति जुड़ाव और सम्मान की भावना मजबूत होगी। इसके लिए सभी विद्यालयों को राज्य-गीत के लिरिक्स और एमपी-3 उपलब्ध कराए जाएंगे, जिन्हें अधीनस्थ विद्यालयों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने यह भी कहा है कि प्रत्येक विद्यालय राज्य-गीत की पर्याप्त प्रतियां विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए तथा आवश्यकता के अनुसार उसका प्रिंट निकालकर वितरित किया जाए। जिन विद्यार्थियों द्वारा प्रतिदिन प्रार्थना सभा का संचालन किया जाता है अथवा जो राष्ट्रगान, वंदे मातरम् आदि का नेतृत्व करते हैं, उन्हें राज्य-गीत का विशेष अभ्यास कराया जाएगा ताकि वे इसे प्रभावी और गरिमापूर्ण ढंग से प्रस्तुत कर सकें।
राज्य गीत का नियमित गायन स्कूल मुखिया की जिम्मेदारी
निर्देशों के अनुसार विद्यालयों में हाउस सिस्टम के तहत जिस सदन की प्रार्थना सभा संचालन की जिम्मेदारी होगी, वह सदन राज्य-गीत के नियमित अभ्यास और गायन की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेगा। साथ ही सभी स्कूल मुखियाओं को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि राज्य-गीत का नियमित एवं गरिमापूर्ण गायन प्रत्येक सरकारी विद्यालय की प्रार्थना सभा का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए। शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान, प्रदेश के प्रति गर्व और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

