हरियाणा में 30 से अधिक उम्र के हर व्यक्ति की की जाएगी स्क्रीनिंग

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चंडीगढ़, 19 मार्च (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के बढ़ते खतरे को देखते हुए अब ‘इलाज से पहले रोकथाम’ की रणनीति पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने गुरुवार को कहा कि प्रदेश को हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से मुक्त करना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है।

सरकार ने राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम को राज्य के सभी 22 जिलों में लागू कर दिया है। अब हर जिले में विशेष एनसीडी क्लिनिक स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करते हुए 170 उप-मंडल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 292 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी एनसीडी क्लिनिक संचालित किए जा रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि लोगों को अपने घर के पास ही जांच और इलाज की सुविधा मिल सके, ताकि बीमारी गंभीर होने से पहले ही पकड़ में आ जाए।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि आवश्यक औषधि सूची के तहत हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों की दवाएं सभी जिलों में उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, सरकार लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दे रही है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देने के साथ-साथ लोगों को तंबाकू, खराब खानपान और शारीरिक निष्क्रियता जैसे जोखिम कारकों से बचाव की सलाह दी जा रही है।

सरकार ने 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की नियमित स्क्रीनिंग पर खास फोकस किया है। इस अभियान के तहत जिन बीमारियों की जांच की जा रही है, उनमें मधुमेह (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप, मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर शामिल हैं। इसका उद्देश्य है कि बीमारी की शुरुआती अवस्था में ही पहचान हो जाए, जिससे इलाज आसान और प्रभावी हो सके। 31 जनवरी, 2026 तक 1 करोड़ 1 लाख 24 हजार 147 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से 8 लाख 62 हजार 764 लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की पहचान कर उनका इलाज शुरू किया गया है यह आंकड़े बताते हैं कि सरकार सिर्फ योजनाएं नहीं बना रही, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू भी कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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