हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों का 5-6 नवंबर को चक्का जाम का ऐलान
-पे-ग्रेड बढ़ाने से लेकर बोनस और अवकाश बहाली तक मांगें लंबित
चंडीगढ़, 31 अक्टूबर (हि.स.)। दिवाली पर यात्रियों को अपने गतंव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हरियाणा रोडवेज ने दिवाली से ठीक पहले दो दिन चक्का जाम का ऐलान किया है। पांच व छह नवंबर को रोडवेज बसों का पहिया थमा रहेगा।
शनिवार को चंडीगढ़ वर्कशाप में आयोजित हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा की बैठक में रोडवेज कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई।
बैठक में चंडीगढ़ डिपो की विभिन्न यूनियनों के डिपो प्रधान संदीप दूहन, विनोद कुमार, जसमेर पूनिया और प्रवीण डागर ने हिस्सा लिया, जबकि संचालन भूपेंद्र सिंह ने किया। बैठक में राज्य सांझा मोर्चा की ओर से माया राम उनियाल और नीरज वशिष्ठ ने विशेष रूप से भाग लिया। बैठक के दौरान हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने प्रदेश के 24 डिपो और 13 सब-डिपो में बसों का चक्का जाम करने का ऐलान किया है।
साझा मोर्चा के कर्मचारी नेताओं ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वर्ष 2018 से 2026 तक कर्मचारियों की अनेक महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, लेकिन बार-बार ध्यान दिलाने के बावजूद उनका समाधान नहीं किया गया।
चंडीगढ़ डिपो प्रधान संदीप दूहन व जसमेर पूनिया ने कहा कि चालक-परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाने, दिवाली बोनस देने और 33 अर्जित अवकाश बहाल करने की मांग लंबे समय से लंबित है। इसके अलावा वर्कशॉप कर्मचारियों को 30 रुपये रात्रि भत्ता देने, बिना शर्त ओवरटाइम लागू करने, चार घंटे की ड्यूटी पर एक रेस्ट देने, वर्ष 2008 में भर्ती परिचालकों को उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नति देने और वाशिंग भत्ता सहित अन्य वैधानिक लाभ लागू करने की मांग भी पूरी नहीं हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने से उनमें रोष बढ़ता जा रहा है। भूपेंद्र सिंह और गुरु प्रकाश ने कहा कि हड़ताल के संबंध में 23 अक्टूबर को सभी डिपो महाप्रबंधकों के माध्यम से हरियाणा सरकार को विधिवत नोटिस दिया जा चुका है। इसके बाद विभिन्न डिपो में गेट मीटिंग आयोजित कर कर्मचारियों को मांगों और प्रस्तावित हड़ताल के निर्णय की जानकारी दी जा रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

