हरियाणा: नई इमारतों में ईवी चार्जिंग व्यवस्था होगी अनिवार्य
चंडीगढ़, 06 जून (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने बिल्डिंग कोड-2017 में बदलाव करते हुए नई और रिनोवेट होने वाली इमारतों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को अनिवार्य कर दिया है। इसका सबसे बड़ा असर उन परिवारों, सोसायटी निवासियों और लोगों पर पड़ेगा जो आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक कार खरीदने की योजना बना रहे हैं। अब तक लोगों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि ईवी खरीदने के बाद चार्जिंग कहां होगी।
सरकार ने बिल्डिंग कोड के अध्याय-6 में संशोधन करते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल किया है।
सबसे अहम फैसला यह है कि चार्जिंग से जुड़ा निर्माण एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) से मुक्त रहेगा। यानी बिल्डर या डेवलपर को इस व्यवस्था के कारण अतिरिक्त निर्माण क्षेत्र का नुकसान नहीं होगा। नए नियमों के अनुसार, गैर-आवासीय भवन जैसे मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल और ऑफिस स्पेस में यदि 10 या उससे अधिक कार पार्किंग हैं, तो हर 3 पार्किंग स्लॉट पर कम से कम 1 ईवी चार्जिंग स्पॉट बनाना होगा। साथ ही पूरी पार्किंग को भविष्य के लिए 100 प्रतिशत ईवी रेडी बनाया जाएगा यानी पहले से ही वायरिंग और कंड्युट की व्यवस्था रखनी होगी।
आवासीय परियोजनाओं जैसे ग्रुप हाउसिंग, को-ऑपरेटिव सोसाइटी और आरडब्ल्यूए संचालित कॉलोनियों में 10 या उससे अधिक पार्किंग होने पर हर 5 पार्किंग स्लॉट पर कम से कम 1 चार्जिंग स्पॉट अनिवार्य होगा। यहां भी नई और रिनोवेट इमारतों को 100 प्रतिशत ईवी रेडी बनाना होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

