(संशोधित) हरियाणा के 6 जिलों में शुरू होंगी एमआरआई सेवाएं, अस्पतालों के आधुनिकीकरण को मंजूरी
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चंडीगढ़, 20 मार्च (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए छह जिलों के सिविल अस्पतालों में एमआरआई स्कैन सेवाएं शुरू करने को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अध्यक्षता में आयोजित विशेष उच्च-स्तरीय क्रय समिति (स्पेशल हाई पावर्ड परचेज कमेटी) की बैठक में लिया गया।
बैठक में जानकारी दी गई कि नूंह जिले के सिविल अस्पताल मांडीखेड़ा और रेवाड़ी के सिविल अस्पताल में सीटी स्कैन सेवाओं को हायर करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा मांडीखेड़ा (नूंह), रेवाड़ी, हिसार, जींद, रोहतक और चरखी दादरी के सिविल अस्पतालों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत एमआरआई स्कैन सेवाएं शुरू की जाएंगी।
सरकार का मानना है कि पीपीपी मॉडल के माध्यम से अत्याधुनिक सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराई जा सकेंगी, जिससे मरीजों को निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें सस्ती दरों पर जांच सुविधाएं मिल सकेंगी।
बैठक में अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। इसके तहत कुरुक्षेत्र, गुरुग्राम और जींद के जिला सिविल अस्पतालों में मशीनीकृत और स्वचालित सफाई सेवाएं शुरू करने को मंजूरी दी गई है। इससे अस्पतालों में साफ-सफाई का स्तर बेहतर होगा और मरीजों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह पहल हरियाणा के स्वास्थ्य तंत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे प्रदेश के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के बीच की खाई को कम करना है, ताकि हर व्यक्ति को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार

