हरियाणा में श्रमिकों को जल्द मिलेंगी 34 नए ईएसआई अस्पतालों की सौगात

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हरियाणा में श्रमिकों को जल्द मिलेंगी 34 नए ईएसआई अस्पतालों की सौगात


श्रम मंत्री बोले परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं

हर माह होगी प्रगति की समीक्षा

चंडीगढ़, 12 मई (हि.स.)। राज्य सरकार ने श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए ईएसआई अस्पतालों की सौगात देने की योजना तैयार है। श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर, सुलभ और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में ईएसआई अस्पतालों और डिस्पेंसरियों के विस्तार पर तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में श्रम मंत्री अनिल विज ने ईएसआईसी विभाग के अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और सभी परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ईएसआईसी के माध्यम से संचालित सभी निर्माण कार्यों और परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि श्रमिकों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

श्रम मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 34 स्थानों पर चल रही सभी परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी हों और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बहादुरगढ़, बावल, रोहतक और मानेसर में बड़े ईएसआई अस्पतालों का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि श्रमिकों को विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक उपकरण और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।

बैठक में अधिकारियों ने मंत्री काे जानकारी दी कि जिला झज्जर के बहादुरगढ़ में 100 बिस्तरों वाले ईएसआई अस्पताल का 98 प्रतिशत से अधिक सिविल कार्य पूरा हो चुका है। वहीं, जिला रेवाड़ी के बावल में बन रहे 150 बिस्तरों के ईएसआई अस्पताल का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष कार्य भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।

विज ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन परियोजनाओं में किसी प्रकार की बाधा, देरी या लंबित कार्य हैं, उनकी विस्तृत सूची तैयार की जाए और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से उन्हें शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा अब प्रत्येक माह स्वयं उनके द्वारा की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में यह भी बताया गया कि अंबाला में 100 बिस्तरों का ईएसआई अस्पताल, हिसार में 100 बिस्तरों का अस्पताल, सोनीपत में 150 बिस्तरों का ईएसआई अस्पताल तथा करनाल में 30 बिस्तरों के अस्पताल के कार्य प्रगति पर हैं। इसके साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों जैसे आईएमटी रोहतक, साहा, सोहना, खरखौदा, नूंह, गोहाना, पानीपत, कुरुक्षेत्र, झाड़ली, पटौदी, कुंडली, बहालगढ़, तरावड़ी, घरौंडा, झज्जर, कैथल, फर्रुखनगर, कोसली, चरखी दादरी, छछरौली, दादरी टोए और मुलाना में ईएसआई डिस्पेंसरियों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि रोहतक में 150 बिस्तरों वाला ईएसआई अस्पताल तथा मानेसर में 500 बिस्तरों का अत्याधुनिक ईएसआई अस्पताल स्थापित किया जाना प्रस्तावित है, जिनका कार्य जल्द शुरू होगा। इसके अतिरिक्त सोनीपत के बारही और राई स्थित ईएसआई डिस्पेंसरियों का लगभग 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि पंचकूला की ईएसआई डिस्पेंसरी को संचालित भी कर दिया गया है।

बैठक में श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुशील सारवान, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक मुकुल कुमार, ईएसआई की निदेशक अंजलि सचदेवा, ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक हरिओम प्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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