7862 करोड़ से बदलेगी सरकारी स्कूलों की दशा

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स्मार्ट बोर्ड, नए भवन, छात्र सुरक्षा और आधुनिक लाइब्रेरी पर फोकस

बेटियों की पढ़ाई से लेकर स्मार्ट लैब की तैयारी

चंडीगढ़, 26 मई (हि.स.)।हरियाणा में अब सरकारी स्कूलों की तस्वीर तेजी से बदलने वाली है। वर्ष 2026-27 के लिए माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र में 7862.40 करोड़ रुपये का विशाल बजट तय कर राज्य सरकार ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित मॉडल में बदलने की बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। इस बजट में स्मार्ट क्लासरूम, नए स्कूल भवन, मॉडल स्कूल, छात्र सुरक्षा, डिजिटल पढ़ाई, गरीब विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और बेटियों की शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया है।

वित्त विभाग से मंगलवार काे मिली जानकारी के अनुसार सरकार अब सरकारी स्कूलों को केवल पारंपरिक पढ़ाई तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें आधुनिक सुविधाओं और डिजिटल संसाधनों से लैस शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित करेगी। गांवों से लेकर शहरों तक सरकारी स्कूलों में नई तकनीक, प्रशिक्षित शिक्षक, स्मार्ट शिक्षण प्रणाली और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा।

इस बजट में सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षकों और स्कूल संचालन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रखा गया है। इसके साथ-साथ स्कूलों में डिजिटल पढ़ाई, छात्राओं की सुरक्षा, आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की सहायता और खेल-सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्राथमिकता दी गई है।

माध्यमिक शिक्षा बजट में सबसे अधिक राशि शिक्षकों और संस्थागत खर्चों पर खर्च की जाएगी। शिक्षण स्टाफ और अन्य संस्थागत व्यवस्थाओं के लिए 5707.41 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इससे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। जिला शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों के लिए 83.74 करोड़ रुपये तथा मुख्यालय स्थापना के लिए 56.29 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। जूनियर बेसिक ट्रेनिंग संस्थानों के लिए 80.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। डाइट और बाइट संस्थानों को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों और आधुनिक शिक्षा पद्धति से जोड़ा जा सके। सरकार शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग और प्रशासनिक क्षमता को भी मजबूत करेगी।

सरकार सरकारी स्कूलों को तेजी से डिजिटल एजुकेशन मॉडल में बदलने जा रही है। सूचना एवं संचार तकनीक (आईसीटी) स्कूलों के लिए 65.37 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसके तहत स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर आधारित पढ़ाई और तकनीकी संसाधनों का विस्तार किया जाएगा।

राज्य सरकार स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े स्तर पर मजबूत करेगी। माध्यमिक स्कूल भवनों के निर्माण और बड़े विकास कार्यों के लिए 250 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा स्कूलों में पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण और खरीद पर 161 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शैक्षणिक रूप से पिछड़े ब्लॉकों में मॉडल स्कूल खोलने के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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