आठवें वेतन आयोग से सरकारी कर्मचारियों के लिए ब्याज-मुक्त एडवांस की मांग

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चंडीगढ़, 05 जुलाई (हि.स.)। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष सरकारी कर्मचारियों के लिए एडवांस (अग्रिम) व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग उठाई है। महासंघ का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था कर्मचारियों की जरूरतों और वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है, जिसके कारण उन्हें निजी बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ऊंची ब्याज दरों पर ऋण लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। संगठन ने सभी सरकारी अग्रिमों को ब्याज-मुक्त करने और पूर्व में बंद की गई एडवांस योजनाओं को दोबारा शुरू करने की मांग की है।

महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि आयोग को सौंपे गए ज्ञापन में व्यक्तिगत कंप्यूटर एडवांस की सीमा बढ़ाकर दो लाख रुपये और गृह निर्माण एडवांस एक करोड़ रुपये तक ब्याज-मुक्त उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने मांग की कि कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु या गंभीर बीमारी के कारण सेवा जारी रखने में असमर्थ होने की स्थिति में अग्रिम राशि की वसूली परिवार से न की जाए।

वर्तमान में गृह निर्माण एडवांस की सीमा 25 लाख रुपये और कंप्यूटर एडवांस 50 हजार रुपये है। महासंघ ने कर्मचारियों की बदलती जरूरतों को देखते हुए 10 लाख रुपये तक चार-पहिया वाहन एडवांस, प्राकृतिक आपदा एडवांस, त्योहार एडवांस, चिकित्सा एडवांस, बाल शिक्षा एडवांस, विवाह एडवांस तथा सौर ऊर्जा संबंधी एडवांस जैसी नई योजनाएं शुरू करने का भी सुझाव दिया है। इसके साथ ही विवाह एडवांस की सीमा तीन लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये तथा चार-पहिया वाहन एडवांस 6.5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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