हरियाणा सरकार की अपील, हड़ताल वापस लें बिजली कर्मचारी

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- सरकार बातचीत के प्रति प्रतिबद्ध

वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की पांच घंटे की मैराथन बैठक

- चंडीगढ़, 08 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने बिजली निगमों के कर्मचारियों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों का बातचीत के माध्यम से समाधान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कर्मचारियों से हड़ताल का आह्वान वापस लेने और बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने की अपील की है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की वास्तविक मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा और बातचीत के माध्यम से सभी लंबित मुद्दों का समाधान निकालने के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं।

इस संबंध में जानकारी देते हुए एचवीपीएनएल, यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन के आधिकारिक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच करीब पांच घंटे तक विस्तृत एवं रचनात्मक बैठक हुई। बैठक में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन, ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशंस वर्कर्स यूनियन (मुख्यालय, हिसार), एचएसईबी वर्कर्स यूनियन (मुख्यालय, भिवानी) तथा एचपीसी एससी/एसटी एंड बीसी एम्प्लॉइज यूनियन के प्रतिनिधि शामिल रहे।

उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान कर्मचारी संगठनों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर एक-एक करके विस्तार से चर्चा की गई। सरकार की ओर से कर्मचारी प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया गया कि उनकी सभी वास्तविक एवं जायज मांगों पर पूरी गंभीरता के साथ विचार किया जाएगा। साथ ही, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में बिजली की मांग का पीक सीजन चल रहा है और ऐसे समय में बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार का व्यवधान आम जनता, किसानों और अन्य उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। इसलिए किसी भी परिस्थिति में बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।

प्रवक्ता ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बातचीत के रास्ते हमेशा खुले हैं और कर्मचारी संगठन अपने मुद्दों को लेकर किसी भी समय वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मिल सकते हैं। प्रवक्ता ने एग्री डिस्कॉम से संबंधित किसी भी अधिसूचना को लेकर कर्मचारियों, अधिकारियों और इंजीनियरों से अफवाहों अथवा असत्यापित सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिस्कॉम के निजीकरण से संबंधित कोई भी प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।

इसी प्रकार स्मार्ट मीटरिंग के संबंध में प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि टेंडर जारी करने से संबंधित एक फाइल वर्तमान में प्रक्रियाधीन है, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपरोक्त प्रस्तावों को लागू करने के संबंध में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है और उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से आग्रह किया कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से प्रसारित जानकारी पर ही भरोसा करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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