हरियाणा:प्रौढ़ शिक्षा में काम करने वाले अनुदेशकों का रूका वेतन देगी सरकार

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चंडीगढ़, 27 जून (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने करीब साढे तीन दशक पहले बंद हुई प्रौढ़ शिक्षा योजनाओं में कार्य करने वाले पूर्व अनुदेशकों (इंस्ट्रक्टर) के बकाया वेतन भुगतान की प्रक्रिया तेज कर दी है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन पूर्व अनुदेशकों अथवा उनके कानूनी उत्तराधिकारियों ने अब तक बकाया वेतन के लिए आवेदन नहीं किया है, उन्हें अंतिम अवसर देते हुए एक महीने के भीतर आवेदन प्राप्त किए जाएं।निर्धारित अवधि के बाद कोई नया दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में आवेदन पत्र और शपथ पत्र के निर्धारित प्रारूप उपलब्ध कराएंगे तथा आवेदनकर्ताओं को आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन जमा कराने की सुविधा देंगे। इसके बाद जिला स्तरीय समिति सभी दावों की जांच कर पात्र आवेदकों के बकाया वेतन के भुगतान के लिए बजट की मांग निदेशालय को भेजेगी।

यह प्रक्रिया प्रौढ़ शिक्षा की पूर्व योजनाओं आरएफएलपी (ग्रामीण कार्यात्मक साक्षरता परियोजना) और एसएईपी (राज्य प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम) के तहत फरवरी 1990 तक कार्यरत रहे दसवीं पास अनुदेशकों के लिए शुरू की गई है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ही जमा होंगे और प्रत्येक दावे के साथ नियुक्ति, कार्यकाल, भुगतान, बैंक खाता, पहचान और अन्य निर्धारित दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा। यदि मूल अनुदेशक का निधन हो चुका है तो उनके कानूनी उत्तराधिकारी भी निर्धारित दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत कर सकेंगे।

विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि आवेदन प्राप्त होने के बाद उनकी गहन जांच कर देय राशि का आकलन किया जाए और 27 जुलाई से 26 अगस्त के बीच बजट मांग मुख्यालय को भेजी जाए। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूर्व में 25 अक्टूबर और 7 नवंबर, 2024 को जारी निर्देशों के बावजूद जिन मामलों का निपटारा नहीं हो सका, उन्हें अब समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। एक महीने के भीतर संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन जमा करना होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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