हरियाणा में राजस्व तंत्र को पूरी तरह डिजिटल बनाने के निर्देश
-एआई और डिजिटल तकनीक से हाईटेक होगा अग्निशमन तंत्र
चंडीगढ़, 15 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में राजस्व और आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विकसित भारत-2047 के अंतर्गत तैयार किए गए 5 वर्षीय कार्यान्वयन रोडमैप और कार्य योजना की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक 4 लाख पेपरलेस रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं और किसी भी तहसील में 15 दिन से पुराना कोई आवेदन लंबित नहीं है। सरकार भूमि अभिलेखों के 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण, जियो-टैगिंग, यूनिक लैंड पार्सल नंबर, प्रॉपर्टी आईडी लिंकिंग और आधुनिक डाटा सेंटर पर काम कर रही है।
सभी जिलों में एआई आधारित फायर कमांड सेंटर और अग्निशमन कार्यों में रोबोट के उपयोग की भी तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से राजस्व विभाग द्वारा अपने डाटा की स्टोरेज के लिए हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (हार्ट्रॉन ) के माध्यम से प्रदेश में अपडेटिड डाटा सेंटर स्थापित किया जा रहा है जिसके लिए टेंडर किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने शहरी संपत्ति के राजस्व रिकॉर्ड को प्रॉपर्टी आईडी के साथ लिंक करवाकर सुव्यवस्थित करवाने के भी निर्देश दिए।
राजस्व अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में कृषि विभाग के साथ मिलकर भूमि अभिलेखों का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण और इनकी जीयो-टैगिंग का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत सभी लैंड पार्सल का यूनिक नंबर जनरेट किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभागों की सरकारी जमीनों को भी पोर्टल पर अपडेट किया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

