बैंक घोटाले के गिरफ्तारी महज औपचारिकता, बड़ी मछलियां अब भी शिकंजे से बाहर

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बैंक घोटाले के गिरफ्तारी महज औपचारिकता, बड़ी मछलियां अब भी शिकंजे से बाहर


-कांग्रेस ने ज्वलंत मुद्दों पर हरियाणा सरकार को घेरा

-राजस्थान को पानी देकर प्रदेश की अनदेखी कर रही सरकार

चंडीगढ़, 24 जून (हि.स.)। हरियाणा कांग्रेस के विधायकों ने बैंक घोटाले के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेर लिया है। बुधवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा तथा आफताब अहमद ने कहा कि आईडीएफसी बैंक घोटाले में मुख्य आरोपी पंकज अग्रवाल की गिरफ्तारी केवल एक औपचारिकता प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े वित्तीय घोटाले में केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी कई गंभीर सवाल खड़े करती है, जबकि इस पूरे मामले में कई प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की चर्चा रही है।अशोक अरोड़ा ने कहा कि यदि जांच वास्तव में निष्पक्ष और पारदर्शी है तो घोटाले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है तथा एक व्यक्ति को बलि का बकरा बनाकर पूरे मामले को सीमित करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने मांग की कि आईडीएफसी बैंक घोटाले में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार को केवल दिखावटी कदम उठाने के बजाय ठोस और निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार की प्राथमिकताओं को भली-भांति समझ चुकी है और युवाओं, किसानों तथा आम नागरिकों के हितों की लगातार हो रही अनदेखी का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

वहीं उप नेता प्रतिपक्ष आफताब अहमद ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार हरियाणा के हितों की अनदेखी कर रही है। पहले सरकारी भर्तियों में प्रदेश के युवाओं को दरकिनार किया गया और अब किसानों के हितों की कीमत पर दूसरे राज्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान को पानी उपलब्ध कराने के फैसले ने हरियाणा के किसानों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

आफताब अहमद ने कहा कि प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में किसान पानी की कमी का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में सरकार को हरियाणा के जल अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत प्रदेश के हितों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार और किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन दोनों ही मोर्चों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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