हरियाणा में बिना सूचना के धरने, रैली व कार्यक्रम नहीं कर सकेंगे कांग्रेस

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पार्टी प्रभारी के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष ने जारी की गाइडलाइन

चंडीगढ़, 15 जून (हि.स.)। हरियाणा कांग्रेस में एक नया विवाद शुरू हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र द्वारा सोमवार को पत्र जारी किए जाने के बाद संगठन व जनप्रतिनिधियों के बीच तनाव के आसार बन गए हैं।हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों को एक चेतावनी पत्र जारी कर प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद के पूर्व के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करने को कहा है। इस नए पत्र के बाद कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रही गुटबाजी और संगठन बनाम जनप्रतिनिधि की खींचतान तेज होने की संभावना बढ़ गई है।

राव नरेंद्र सिंह ने सोमवार को एक पत्र जारी कर कहा कि प्रदेश में किसी भी धरना, प्रदर्शन, रैली, अनशन या अन्य राजनीतिक कार्यक्रम के आयोजन से पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य है। साथ ही कार्यक्रमों में लगाए जाने वाले बैनर, पोस्टर और प्रचार सामग्री में नेताओं के चित्र भी संगठनात्मक वरिष्ठता और प्रोटोकाल के अनुसार ही लगाने होंगे।

प्रदेश अध्यक्ष ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि पहले जारी निर्देशों का समुचित पालन नहीं हो रहा है। इसलिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इन्हें गंभीरता से लेते हुए शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि संगठनात्मक अनुशासन, समन्वय और गरिमा बनी रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यक्रम के आयोजन से पहले उसकी सूचना जिलाध्यक्षों के माध्यम से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में भेजनी होगी।

विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले ही इन निर्देशों पर सार्वजनिक रूप से आपत्ति जता चुके हैं। हुड्डा का तर्क रहा है कि सांसद और विधायक जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि हैं। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को उठाने, जनता के मुद्दों पर आंदोलन करने या विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए किसी अतिरिक्त संगठनात्मक अनुमति की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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