प्रदेश सरकार बिजली कर्मचारियों के साथ, मजबूती से करेगी पैरवी: मुख्यमंत्री

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प्रदेश सरकार बिजली कर्मचारियों के साथ, मजबूती से करेगी पैरवी: मुख्यमंत्री


प्रदेश सरकार बिजली कर्मचारियों के साथ, मजबूती से करेगी पैरवी: मुख्यमंत्री


- हड़ताल से निपटने को सभी उपायुक्तों के साथ की बैठक

- सभी जिलों में चलेंगे आपात कंट्रोल रूम

- प्रदेश भर में तैनात होंगे छह हजार से अधिक पुलिसकर्मी

चंडीगढ़, 21 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस मिलने के मामले में हरियाणा सरकार पूरी तरह से बिजली कर्मचारियों के साथ है।

सरकार एचईआरसी के इस निर्णय के खिलाफ विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में अपील करेगी तथा इस केस की जोरदार तरीके से पैरवी भी करेगी। इसके लिए सरकार बिजली यूनियनों के विश्वास के वकील हायर कर उनके माध्यम से केस लड़ने को तैयार है। सरकार बिजली कर्मचारियों के खिलाफ नहीं है और बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से बुलाई गई तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल से निपटने के लिए प्रशासनिक सचिवों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। सभी जिलों के उपायुक्त ऑनलाईन माध्यम से जुड़े। बैठक में बिजली मंत्री अनिल विज, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी तथा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एचईआरसी द्वारा गुरुग्राम व नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का निर्णय देने के फैसले का सरकार बिजली यूनियनों के साथ शुरू से ही विरोध कर रही है। सरकार इस मामले में पूरी तरह से बिजली कर्मचारियों के साथ है और कर्मचारियों के लिए बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले हैं। मुख्यमंत्री ने बिजली यूनियनों से अपील की कि वे जनहित को देखते हुए हड़ताल के निर्णय को स्थगित करें।

मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से बुलाई गई तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल से आमजन को कोई परेशानी न होने दी जाए। सभी विभागों को प्रो-एक्टिव होकर काम करना है और यह ध्यान रखना है कि हड़ताल के चलते कोई अव्यवस्था न फैले तथा किसी भी बिजली संस्थान को कोई नुकसान न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील उपक्रमों की निगरानी के लिए ड्रोन की व्यवस्था भी की जाए।

उन्होंने कहा कि सभी जिलों में आवश्यकता अनुसार पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाए ताकि हड़ताल की आड़ में कोई असामाजिक तत्व अव्यवस्था न फैलाने पाए। उन्होंने कहा कि जिलों में उपायुक्त अलग-अलग विभागों में कार्यरत टेक्निकल स्टाफ, उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों, पोलिटेक्निक कॉलेजों तथा आईटीआई में कोर्स करने वाले अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की सेवाएं भी बिजली आपूर्ति को सुचारू करने हेतु ली जा सकती है लेकिन यह ध्यान रखा जाए कि इन्हें कार्य करने से पहले सेफ्टी किट दी जाए और सुरक्षा के सभी उपाय अपनाए जाएं।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी उपायुक्त जिला स्तर की कमेटी गठित करे जो चंडीगढ़ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाई-लेवल कमेटी को नियमित रूप से रिपोर्ट दे। उपायुक्त अपने जिला में हॉटलाइन नंबर के माध्यम से मुख्यालय से संपर्क बनाए रखें तथा जनता की शिकायत सुनने के लिए अलग से कंट्रोल रूम के नंबर भी सार्वजनिक किए जाएं।

पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि हड़ताल के दौरान सुरक्षा हेतु समुचित उपाय किए गए हैं। इसके लिए सभी जिलों में 1015 स्थानों पर 6230 पुलिस कर्मचारियों की फोर्स तैनात की गई है। पुलिस द्वारा 1501 नंबर पर आने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा सभी जिलों में कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी स्थापित किए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर समीक्षा की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

Livevns.news Desk
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