हरियाणा के मुख्यमंत्री ने स्वीडन में एरिक्सन व ट्रूकॉलर हेडक्वॉर्टर का किया दौरा
संचार की नवीनतम तकनीकों, आपातकालीन रोबोटिक्स एवं स्पैम कॉल नियंत्रण तंत्र का किया गहन अध्ययनचंडीगढ़, 16 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीडन के स्टॉकहोम स्थित विश्वप्रसिद्ध दूरसंचार कंपनी एरिक्सन और कॉल आइडेंटिफिकेशन कंपनी ट्रूकॉलर के हेडक्वॉर्टर का दौरा किया। इस भ्रमण के दौरान कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल भी उनके साथ मौजूद रहे। एरिक्सन हेडक्वॉर्टर में मुख्यमंत्री ने संचार क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों की विस्तृत जानकारी ली। विशेष रूप से दुर्लभ एवं दुर्गम स्थानों पर आपात स्थिति से निपटने के लिए विकसित की जा रही रोबोटिक्स तकनीक की कार्यप्रणाली का उन्होंने प्रत्यक्ष अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इन उन्नत तकनीकों को हरियाणा की संचार व्यवस्था एवं आपदा प्रबंधन प्रणाली में अपनाने की संभावनाओं पर चर्चा की।इसके पश्चात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ट्रूकॉलर के हेडक्वॉर्टर का दौरा किया, जहां कंपनी के सह-संस्थापक एलन मामेदी के साथ विस्तृत बैठक हुई। बैठक में ट्रूकॉलर की कार्यप्रणाली, स्पैम कॉल डिटेक्शन तंत्र तथा धोखाधड़ी वाली कॉलों एवं थर्ड पार्टी कॉल्स से सुरक्षा के उपायों पर विस्तार से जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्ष 2025 में भारत में लगभग 770 करोड़ स्पैम कॉल्स का पता लगाया गया है। इस दौरान फ्रॉड कॉल्स और थर्ड पार्टी कॉल्स से संबंधित चुनौतियों तथा उनके समाधान के उपायों पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने और आम नागरिकों को स्पैम तथा फ्रॉड कॉल्स से बचाने के लिए ट्रूकॉलर जैसी तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने एनवैक वेस्ट मैनेजमेंट फैसिलिटी का भी अवलोकन किया और आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने इस तकनीक को हरियाणा के शहरों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनाने की संभावनाओं पर विचार किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन दौरे को हरियाणा की डिजिटल और तकनीकी प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर की उन्नत तकनीकों को राज्य में लागू कर संचार व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित, कुशल एवं आधुनिक बनाया जाएगा। स्पैम एवं फ्रॉड कॉल्स की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे तथा आपदा प्रबंधन में रोबोटिक्स तकनीक का उपयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

