एक जून को गुरुग्राम में लांच होगी हरियाणा की नई औद्योगिक नीति

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चंडीगढ़, 29 मई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने ‘विकसित हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है, जिसके तहत वर्ष 2030-31 तक का स्पष्ट रोडमैप और चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई जा रही है।

हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हाल ही में मंत्रिमंडल ने निवेश, रोजगार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्यात और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10 नई औद्योगिक नीतियों को मंजूरी प्रदान की है। इन सभी नीतियों को समाहित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 1 जून, 2026 को गुरुग्राम से नई हरियाणा औद्योगिक नीति-2026 का विधिवत शुभारंभ करेंगे। इससे पहले वर्ष 2020 में औद्योगिक पॉलिसी लांच की गई थी।

राव नरबीर सिंह ने बताया कि यह केवल एक नीति दस्तावेज नहीं, बल्कि हरियाणा को आने वाले वर्षों में औद्योगिक, तकनीकी, कृषि एवं रोजगार के क्षेत्र में राष्ट्रीय नेतृत्व दिलाने की व्यापक रणनीति है। मुख्यमंत्री स्वयं आगामी 5 वर्षों की कार्य योजनाओं की नियमित समीक्षा कर रहे हैं, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। प्रथम चरण में वर्ष 2030-31 तक की विकास योजना तैयार की जा रही है, जिसके बाद प्रत्येक 5 वर्ष के लिए अलग-अलग चरणबद्ध कार्य योजना बनाई जाएंगी।

नई नीतियों में मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति-2026, हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण नीति-2026, हरियाणा फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइसेज विनिर्माण नीति-2026, हरियाणा टॉयज एवं स्पोर्ट्स इक्विपमेंट विनिर्माण नीति-2026, हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स वेस्ट रीसाइक्लिंग नीति-2026, हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति-2026, हरियाणा आईटी/आईटीईएस, एआई एवं उभरती प्रौद्योगिकी नीति-2026, हरियाणा एवीजीसी-एक्सआर नीति-2026, न्यू हरियाणवी डेटा सेंटर नीति-2026 तथा हरियाणा एग्री बिजनेस एवं एग्रो प्रोसेसिंग नीति-2026 शामिल हैं।

उद्योग मंत्री ने कहा कि इन नई औद्योगिक नीतियों के माध्यम से वर्ष 2030-31 तक राज्य में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश तथा 10 लाख से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि तोशाम, जींद, रेवाड़ी, फरीदाबाद और राई में प्रस्तावित आईएमटी के लिए ई-भूमि पोर्टल पर किसानों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। साथ ही, छोटे एवं मध्यम निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए एचएसआईआईडीसी ने अपने औद्योगिक प्लॉट्स में ‘लैंड ऑन लीज’ नीति लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत निवेशकों को लंबी अवधि के लिए औद्योगिक भूखंड लीज पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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