हरियाणा में एआई की मदद से मिले टीबी के 25 हजार नए रोगी

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प्रदेश में 104 दिन चला विशेष स्क्रीनिंग अभियान

चंडीगढ़, 15 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि हरियाणा ने तपेदिक (टीबी) के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण प्रगति की है। राज्य ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) द्वारा समर्थित बड़े पैमाने पर सक्रिय स्क्रीनिंग के माध्यम से चल रहे 100-दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के पहले 104 दिनों के दौरान टीबी के 25,666 नए मरीजों का पता लगाया है।

विश्व टीबी दिवस पर शुरू किया गया यह अभियान टीबी के मामलों की जल्द पहचान करने और बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए समय पर इलाज सुनिश्चित करने की राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि पारंपरिक स्वास्थ्य दृष्टिकोणों के विपरीत, जो मरीजों के स्वास्थ्य केंद्रों पर आने पर निर्भर करते हैं, यह अभियान 'एक्टिव केस फाइंडिंग' (एसीएफ - सक्रिय रूप से मामलों की खोज) पर केंद्रित है।

स्वास्थ्य टीमें संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले समुदायों में लोगों तक पहुंच रही हैं, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनमें लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हों। इस सक्रिय रणनीति ने स्वास्थ्य विभाग को उन हजारों मरीजों की पहचान करने में सक्षम बनाया है।

इसके अलावा कफ अगेंस्ट टीबी (सीएटीबी) मोबाइल एप्लीकेशन स्मार्टफोन के माध्यम से खांसी की आवाजों का विश्लेषण करने और उन व्यक्तियों की पहचान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करती है जिन्हें आगे की जांच की आवश्यकता हो सकती है। विभाग ने 2,111 उच्च जोखिम वाले गांवों और शहरी वार्डों की पहचान करने के लिए 'वल्नेरेबिलिटी मैपिंग' (वीएम-टीबी) को भी अपनाया है, जिससे स्वास्थ्य टीमों को टीबी संक्रमण के प्रति सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रित स्क्रीनिंग करने की अनुमति मिली है।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि 24 मार्च से 5 जुलाई के बीच स्वास्थ्य विभाग ने 3,914 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया, जिसमें चिन्हित उच्च जोखिम वाले गांवों और शहरी वार्डों में 2,854 शिविर शामिल हैं। कुल 4,73,197 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जबकि 2,25,321 चेस्ट एक्स-रे और 1.25 लाख नैत नैदानिक परीक्षण किए गए, जिसके परिणामस्वरूप टीबी के 25,666 नए मरीजों की पहचान हुई। इलाज के दौरान मरीजों की सहायता के लिए, सरकार ने टीबी से उबरने में पर्याप्त पोषण के महत्व को स्वीकार करते हुए 23,962 पोषण किट वितरित किए। सामुदायिक भागीदारी ने भी गति पकड़ी है, जिसमें टीबी मरीजों को पोषण और सामाजिक सहायता प्रदान करने के लिए 2,635 नए 'निक्षय मित्र' आगे आए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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