एचपीजीसीएल के तीन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज

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चंडीगढ़, 05 मई (हि.स.)। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में जांच का सामना करने से पहले ही चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय की बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या करने वाले अधिकारी का शव जहां पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को परिजनों को सौंप दिया गया, वहीं चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा पॉवर जनरेशन कॉरपोरेशन के तीन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

हरियाणा बिजली उत्पादन निगम लिमिटेड के अकाउंट ऑफिसर बलवंत सिंह से 590 करोड़ के बैंक घोटाले में पूछताछ शुरू हो चुकी थी। सोमवार को उसे सीबीआई के समक्ष पेश होना था। इससे पहले ही बलवंत सिंह ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में आत्महत्या कर ली।

मंगलवार को बलवंत सिंह की पत्नी प्रमिला के बयान पर कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ के सेक्टर तीन स्थित पुलिस ने हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के पूर्व चीफ फाइनेंस ऑफिसर अमित दीवान, आशीष गोगिया और राजेश को नामजद किया है। ये सभी पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित कार्यालय में तैनात थे। इन पर बलवंत को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। इसकी पुष्टि जांच अधिकारी विवेक शर्मा ने की।

अमित दीवान 590 करोड़ के बैंक घोटाले में पहले ही जेल में बंद है। अमित को हरियाणा सरकार नौकरी से बर्खास्त कर चुकी है। आज सुबह बलवंत की पत्नी प्रमिला और भाई कृष्ण व अशोक सेक्टर-16 स्थित अस्पताल पहुंचे और पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज कराए। देर शाम बलवंत सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार को सौंप दिया गया। इस दौरान भाई राजपाल ने बताया कि अंतिम संस्कार पैतृक गांव मुंडाहेड़ा, झज्जर में बुधवार को किया जाएगा।

राजपाल ने बताया कि भाई बलवंत अकाउंट ऑफिसर थे। उनके ऊपर दो-तीन सीनियर अधिकारी थे, जो भाई के ऊपर लगातार दबाव डाला, मानसिक रूप से परेशान किया, फंसाने की कोशिश की गई, एक ईमानदार आदमी इन सब बातों को सहन नहीं कर सकता। इसी वजह से भाई बलवंत ने अपना जीवन खत्म कर लिया। दो-तीन सीनियर अधिकारियों के नाम सामने आए है। भाभी की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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