हिसार अग्निकांड पर मानवाधिकार आयोग की टिप्पणी

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-राज्य किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार नहीं कर सकता

-एचआरआरसी ने सरकार से मांगा टाइम बाउंड एक्शन प्लान

चंडीगढ़, 13 मई (हि.स.)। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने हिसार शहर में एक बहुमंजिला होटल में हुए भीषण अग्निकांड पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार, फायर विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने टिप्पणी की, राज्य किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार नहीं कर सकता और बहुमंजिला इमारतों में आधुनिक बचाव तंत्र की कमी नागरिकों के जीवन के अधिकार के साथ सीधा खिलवाड़ है।

आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा, सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया ने आगजनी की घटना पर संज्ञान लेते हुए आदेशों में कहा कि यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि राज्य में बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन तंत्र की गंभीर विफलता को उजागर करती है। आयोग ने विशेष चिंता जताई कि पेशेवर बचाव तंत्र की अनुपस्थिति में एक व्यक्ति को खुद इमारत से कूदकर जान बचानी पड़ी।

प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, हिसार स्थित होटल के बेसमेंट में बने रसोईघर क्षेत्र से आग लगी, जिसने कुछ ही देर में कई मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के दौरान एक महिला कर्मचारी होटल में फंस गई। जान बचाने के लिए उसे दूसरी मंजिल से छलांग लगानी पड़ी। स्थानीय लोगों ने कंबलों की मदद से उसे बचाया, हालांकि उसे गंभीर चोटें आईं। आग के दौरान कई एयर-कंडीशनिंग यूनिट्स में विस्फोट होने की सूचना भी सामने आई, जिससे इमारत को भारी नुकसान पहुंचा।

हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और टर्न टेबल लैडर्स जैसे आधुनिक अग्निशमन एवं बचाव उपकरण अनिवार्य हो चुके हैं। आयोग के अनुसार ये उपकरण ऊपरी मंजिलों तक त्वरित पहुंच, सुरक्षित निकासी और प्रभावी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। आयोग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को निर्धारित की गई है।

आयोग ने मामले में मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार से व्यापक रिपोर्ट तलब की है। इसमें नीति-स्तरीय निर्णय, बजट आवंटन, विभागीय समन्वय, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और टर्न टेबल लैडर्स की खरीद की वर्तमान स्थिति तथा राज्यभर में अग्नि सुरक्षा अवसंरचना को मजबूत करने की टाइम-बाउंड कार्ययोजना का उल्लेख मांगा गया है। इसके अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और महानिदेशक, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से भी पूछा गया है कि शहरी क्षेत्रों में आधुनिक बचाव तंत्र की स्थापना के लिए क्या नीति ढांचा मौजूद है और आयोग के पूर्व आदेशों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई।

महानिदेशक, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, हरियाणा से जिला-वार उन्नत अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, ऊंची इमारतों में आग से निपटने की तैयारी, लंबित उपकरणों की खरीद की समयसीमा और आपदा तैयारी को मजबूत करने के उपायों का विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है। आयोग ने हिसार के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को भी अलग-अलग रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इनमें आग लगने के कारण, घायल व्यक्तियों की संख्या, बचाव कार्यों का विवरण, होटल की फायर सेफ्टी स्वीकृतियां, निरीक्षण रिपोर्ट, सुरक्षा मानकों के अनुपालन और संभावित उल्लंघनों पर की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा शामिल होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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