हाईकोर्ट के वकील ने एचसीएस अधिकारियों की तैनाती पर उठाए सवाल

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चंडीगढ़, 15 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा में बुधवार को जहां निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है वहीं एचसीएस अधिकारियों की एक ही जगह लंबे समय से तैनाती को लेकर भी विवाद हो गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट और म्यूनिसिपल कानून विशेषज्ञ हेमंत कुमार ने राज्य निर्वाचन आयोग को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है।

हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग ने 13 अप्रैल को प्रदेश के 7 नगर निकायों (3 नगर निगम, 1 नगरपालिका परिषद और 3 नगरपालिका समितियों) के आम चुनाव तथा 6 अन्य निकायों में रिक्त वार्डों के उपचुनाव की घोषणा की है। इन चुनावों के लिए मतदान 10 मई को और मतगणना 13 मई को होगी। इसी बीच कुछ एसडीएम की तैनाती को लेकर विवाद सामने आ गया है।

ज्ञापन में कहा गया कि अंबाला शहर के मौजूदा एसडीएम दर्शन कुमार, जो 2019 बैच के एचसीएस अधिकारी हैं, सितंबर 2022 से लगातार साढ़े तीन वर्षों से एक ही पद पर तैनात हैं। वहीं जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) एवं सचिव, आरटीए सुशील कुमार-थ्री भी दिसंबर 2022 से एक ही जिले में कार्यरत हैं।

हेमंत कुमार ने तर्क दिया है कि चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ऐसे अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से दूर रखा जाना चाहिए, क्योंकि चुनाव आयोग की सामान्य परंपरा के अनुसार तीन वर्ष से अधिक समय तक एक स्थान पर तैनात अधिकारियों का तबादला किया जाता है।

विवाद का दूसरा बड़ा मुद्दा पंचकूला के एसडीएम चंद्रकांत कटारिया की नियुक्ति को लेकर है। चंद्रकांत कटारिया दिवंगत पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और तीन बार सांसद रहे रतन लाल कटारिया के पुत्र हैं, जबकि उनकी माता बंतो कटारिया वर्तमान में हरियाणा भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं।

एडवोकेट हेमंत कुमार ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से मांग की है कि अंबाला के उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजय सिंह तोमर और पंचकूला के उपायुक्त सतपाल शर्मा को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि संबंधित अधिकारियों को नगर निकाय चुनाव में किसी भी प्रकार की चुनाव ड्यूटी न दी जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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