हाईकोर्ट में सामान्य केसों की होगी वर्चुअल सुनवाई

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चंडीगढ़, 22 मई (हि.स.)। खाड़ी देशों में युद्ध के बाद पैदा हुए तेल संकट के मद्देनजर अब पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने भी ईंधन बचत को लेकर बड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट ने सेविंग रूल्स को अपनाते हुए न्यायिक और प्रशासनिक कामकाज में बड़े बदलाव लागू किए हैं, जिनका सीधा फोकस पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और डिजिटल व्यवस्था को मजबूत बनाने पर है। हाईकोर्ट में अब ज्यादातर केसों की सुनवाई वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से होगी। हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी पक्षों को समय पर वीडियो लिंक उपलब्ध कराए जाएं, तकनीकी सहायता मजबूत रहे और वर्चुअल सुनवाई के दौरान किसी भी वकील या न्यायिक अधिकारी को परेशानी न हो। जजों को ईंधन बचत के लिए कार-पूलिंग अपनाने की सलाह दी गई है। यानी अब कई न्यायाधीश एक ही वाहन से अदालत पहुंच सकते हैं। हाईकोर्ट का मानना है कि छोटे-छोटे कदम भी बड़े स्तर पर ईंधन बचत में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा बदलाव किया गया है। हाईकोर्ट की विभिन्न शाखाओं और अनुभागों में जहां संभव होगा, वहां 33 प्रतिशत तक कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की अनुमति दी जाएगी। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जरूरी स्टाफ कार्यालय में मौजूद रहे, ताकि न्यायिक कामकाज प्रभावित न हो। रजिस्ट्रारों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह हर सप्ताह कार्य व्यवस्था की समीक्षा करें, ड्यूटी रोस्टर पहले से तैयार करें और यह सुनिश्चित करें कि घर से काम कर रहे कर्मचारी फोन पर उपलब्ध रहें तथा आवश्यकता पडऩे पर तुरंत कार्यालय पहुंच सकें। हाईकोर्ट ने यह भी साफ किया है कि जिन शाखाओं में घर से काम करना प्रभावी नहीं पाया जाएगा, वहां इस व्यवस्था को सीमित या समाप्त भी किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित रजिस्ट्रार को रजिस्ट्रार जनरल से अनुमति लेनी होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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