एचईआरसी ने नई दरें तय करने से पहले बिजली कंपनियों से मांगी वित्तीय व तकनीकी रिपोर्ट
चंडीगढ़, 11 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने आगामी वित्त वर्ष के लिए बिजली दरें तय करने से पहले राज्य की बिजली कंपनियों से व्यापक वित्तीय, तकनीकी और परिचालन संबंधी अतिरिक्त जानकारी मांगी है। अपने अंतरिम आदेशों में आयोग ने कहा कि हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन) और हरियाणा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन (एचपीजीसीएल) की टैरिफ याचिकाओं पर सार्वजनिक सुनवाई पूरी हो चुकी है, लेकिन उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा, पारदर्शिता और विवेकपूर्ण निर्णय सुनिश्चित करने के लिए तथ्यों की आगे भी जांच आवश्यक है।
एचईआरसी प्रवक्ता ने बताया कि एचवीपीएन की सुनवाई के बाद आयोग ने प्रसारण कंपनी को इसकी स्थापना काल से लिए गए विश्व बैंक ऋणों का ब्यौरा देने का निर्देश दिया है, जिसमें ब्याज दरें, विदेशी मुद्रा उतार-चढ़ाव और प्रभावी उधारी लागत शामिल हों। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित मूल्यह्रास (डिप्रिसिएशन) में वृद्धि का औचित्य, प्रगति पर पूंजीगत कार्यों और वित्त वर्ष 2029-30 तक प्रस्तावित पूंजीकरण का विवरण, इक्विटी के रूप में दर्शाई गई अवशिष्ट आय को पूंजी भंडार में स्थानांतरित करने और ब्याज भार कम करने के लिए ऋण अदला-बदली (लोन स्वैप) के विकल्प तलाशने को भी कहा गया है।
एचपीजीसीएल के मामले में आयोग ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए नियमित और संविदा कर्मचारियों की संख्या तथा लागत का विस्तृत ब्योरा मांगा है। साथ ही कोयला सैंपलिंग एजेंसियों के विश्लेषण, पिछले तीन वर्षों में कोयले की गुणवत्ता संबंधी दावों, उत्पादन आंकड़ों की जानकारी तलब की गई है।
आयोग ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएनएल) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएनएल) से जुड़े मामलों में भी एक संयुक्त अंतरिम आदेश पारित किया। आयोग ने कहा कि उत्तरी और दक्षिणी हरियाणा में खुदरा बिजली दरें समान हैं, इसलिए इन याचिकाओं पर एक समान नियामक दृष्टिकोण अपनाया जाना उचित है।
आयोग ने कहा कि सभी प्रस्तुतियों की जांच के बाद अंतिम टैरिफ आदेश पारित किए जाएंगे। साथ ही यह भी घोषणा की गई कि फरवरी-मार्च के दौरान चार जिलों डीएचबीवीएन के लिए गुरुग्राम और हिसार तथा यूएचबीवीएन के लिए पानीपत और यमुनानगर में अतिरिक्त सार्वजनिक जन सुनवाई आयोजित की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

