हरियाणा में वायरल हेपेटाइटिस के 10 नए उपचार केंद्र खुलेंगे, मरीजों को मिलेगी निःशुल्क जांच व इलाज
नए केंद्रों के शुरू होने के बाद हरियाणा में केंद्रों की संख्या हाेगी36
चंडीगढ़, 23 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने वायरल हेपेटाइटिस-बी और सी से पीड़ित मरीजों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीएचसीपी) के तहत राज्य में 10 नए वायरल हेपेटाइटिस उपचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के शुरू होने के बाद राज्य में उपचार केंद्रों की संख्या 26 से बढ़कर 36 हो जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने गुरुवार काे बताया कि यह विस्तार राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वायरल हेपेटाइटिस से प्रभावित मरीजों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और किफायती उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेष रूप से उन जिलों में उपचार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है जहां हेपेटाइटिस बी और सी के मामलों की संख्या अधिक है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में पीजीआईएमएस रोहतक में एक मॉडल उपचार केंद्र, जिला नागरिक अस्पतालों में 22 उपचार केंद्र तथा सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में चार उपचार केंद्र संचालित हैं। भारत सरकार ने राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सभी 36 उपचार केंद्रों को स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिससे राज्य में वायरल हेपेटाइटिस उपचार सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि फरीदाबाद स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक नया उपचार केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिससे शहर के औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों तथा ईएसआई लाभार्थियों को विशेष सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त फतेहाबाद जिले के रतिया और टोहाना, जींद के नरवाना, कैथल के गुहला, करनाल के असंध और नीलोखेड़ी, सिरसा के डबवाली और ऐलनाबाद तथा पानीपत के समालखा स्थित उपमंडल नागरिक अस्पतालों में भी नए उपचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला की हेपेटाइटिस-बी की जांच कराना अत्यंत आवश्यक है, ताकि संक्रमण को मां से नवजात शिशु तक फैलने से रोका जा सके। उन्होंने बताया कि यदि कोई गर्भवती महिला हेपेटाइटिस-बी से संक्रमित पाई जाती है, तो उसके नवजात शिशु को जन्म के 24 घंटे के भीतर हेपेटाइटिस-बी इम्यूनोग्लोब्युलिन (एचबीआईजी) तथा हेपेटाइटिस-बी का टीका लगाया जाना चाहिए। ये दोनों सुविधाएं हरियाणा के सभी जिला नागरिक अस्पतालों में पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

