कैथल: डीसी ऑफिस से हाईकोर्ट को भेजे जाने वाले अदालत के फैसले का रिकॉर्ड चोरी

कैथल: डीसी ऑफिस से हाईकोर्ट को भेजे जाने वाले अदालत के फैसले का रिकॉर्ड चोरी


कैथल,21 सितंबर (हि.स.)। डीसी कार्यालय से कैथल के सिविल सब जज नरेंद्र कुमार की अदालत के फैसले की मिसल गुम हो गई। 16 मई 1989 को दिए गए फैसले की मिसल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मांगी थी। मिसल उपलब्ध करवाने के लिए एक नवंबर 2012 को सिविल जज सीनियर डिविजन राजीव गोयल ने भी डीसी कार्यालय को पत्र लिखकर हाईकोर्ट को मिसल भेजने के लिए कहा था।

हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ने भी उक्त फैसले की मिसल हाई कोर्ट को भेजने के लिए डीसी कार्यालय को पत्र लिखा था। डीआरओ ने डीसी कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी प्रेम बड़थ्वाल, गुरमीत सिंह, देवीदयाल, सुरेश कुमार व सुखविंदर के इस बारे में बयान लिए थे। उन्होंने डिस्पैच रजिस्टर दिखाते हुए कहा कि उन्होंने 16 मई 1989 के फैसले का रिकॉर्ड तलाश किया। इसका इंद्राज कंप्यूटर में दर्ज नहीं था, जबकि रिकॉर्ड से संबंधित पत्राचार 21 दिसंबर 2012 को दर्ज होना पाया गया।

इसके बाद डीआरओ ने रिकॉर्ड रूम में कार्यरत क्लर्क सुरेंद्र एसडीएम कार्यालय गुहला में कार्यरत डब्ल्यूबीएन के बयान लिए। जिन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड आम दीवानी रजिस्टर में दर्ज नहीं है। जिसकी सूचना राजीव गोयल सिविल जज सीनियर डिविजन 21 दिसंबर 2012 को पत्र द्वारा दे दी गई। इसके बाद डीसी कार्यालय में कार्यरत क्लर्क सुरेश सेतिया के बयान पर थाना सिविल लाइन में सिविल जज नरेंद्र कुमार के फैसले की मिसल चोरी होने का मामला दर्ज करवाया गया।

हिन्दुस्थान समाचार/ नरेश/संजीव

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