हिसार : स्वास्थ्य अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने किया विरोध

WhatsApp Channel Join Now
हिसार : स्वास्थ्य अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने किया विरोध


बिना निष्पक्ष जांच चार्जशीट जारी करना अनुचित, इससे गिरेगा विभाग का मनोबल

: अनिल कुमार

सार्थक टीम की रिपोर्ट के तथ्यों की दोबारा समीक्षा करने की उठाई मांग

हिसार, 18 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की जिला इकाई ने

स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से जिला के सिविल सर्जन सहित आठ वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों

के विरुद्ध हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-8 के तहत चार्जशीट

जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देशों का कड़ा विरोध किया है। संघ ने इस कार्रवाई

को एकतरफा बताते हुए इसकी निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है।

जिला अध्यक्ष अनिल कुमार व प्रदेश महामंत्री जगत बिसला ने शनिवार काे कहा कि स्वास्थ्य

विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी सीमित संसाधनों, बढ़ते कार्यभार और लगातार बढ़ती जिम्मेदारियों

के बावजूद प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए दिन-रात कार्य

कर रहे हैं। ऐसे समय में सभी तथ्यों का समुचित मूल्यांकन किए बिना वरिष्ठ अधिकारियों

के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करना पूरे विभाग के मनोबल को प्रभावित करेगा।

संघ के नेताओं ने कहा कि यदि किसी योजना के क्रियान्वयन में कमियां सामने आई हैं तो

उनके वास्तविक कारणों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। केवल अधिकारियों और कर्मचारियों

को जिम्मेदार ठहराकर दंडात्मक कार्रवाई करना न तो न्यायसंगत है और न ही इससे स्वास्थ्य

सेवाओं में अपेक्षित सुधार संभव है।

प्रदेश महामंत्री जगत बिसला ने बताया कि यह कार्रवाई पिछले वर्ष राज्य मुख्यालय

से आई सार्थक टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान बताई गई कमियों के आधार पर की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित है, उनमें से कुछ ने

संबंधित संस्थानों का कार्यभार सार्थक टीम के निरीक्षण से महज 10 से 15 दिन पहले ही

संभाला था। ऐसे अधिकारियों को भी समान रूप से जिम्मेदार ठहराना तथ्यों के विपरीत और

अनुचित है।

स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं से मांग की है कि पूरे

मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराई जाए और सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद ही कोई निर्णय

लिया जाए। संघ का कहना है कि इससे विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल बना

रहेगा तथा वे सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने

के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर सकेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

Share this story