बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग में तैनात जींद के नरेंद्र का निधन

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बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग में तैनात जींद के नरेंद्र का निधन


जींद, 25 मई (हि.स.)। बांग्लादेश भारत के उच्चायोग में प्रोटोकॉल अधिकारी के तौर पर कार्यरत छात्तर गांव के नरेंद्र कुमार का हदय गति रूकने से निधन हो गया। नरेंद्र चंडीगढ़ पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत था। खटकड़ टोल से सोमवार को नरेंद्र कुमार पार्थिव शरीर गांव तक मोटरसाइकिलों के काफिले के साथ तिरंगा हाथों में लेकर युवाए ग्रामीण लेकर आए। विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री की पत्नी सुषमा अत्री नरेंद्र कुमार के अंतिम संस्कार में शामिल हुई। नम आंखों से ग्रामीणों ने विदाई दी। नरेंद्र कुमार अपने माता-पिता के इकलौता बेटा था। वो अपने पीछे पत्नी, एकलौते बेटे एवं माता-पिता को छोड़ कर चला गया। हर किसी की आंख नरेंद्र कुमार को अंतिम विदाई देते हुए नम हो गई। चंडीगढ़ पुलिस ने नरेंद्र कुमार को अंतिम सलामी दी।

नरेंद्र कुमार का बेटा अर्श सिंह आठ साल का है। बेटे को ये नहीं पता कि उसका पिता अब वापस नही आएगा। 18 मई को नरेंद्र कुमार ने अपनी पत्नी से फोन पर दोपहर को बात की तो वो बिल्कुल सही था। शाम को जब उसकी पत्नी ने संपर्क करना चाहा तो उससे बात नहीं हुई। चचेरे भाई सुरेंद्र ने भी संपर्क करना चाहा लेकिन बातचीत नहीं हुई। 19 मई को चचेरे भाई सुरेंद्र के पास चिटगांव से कॉल आई कि नरेंद्र कुमार का निधन हो गया है। जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई उसमें निधन हदयगति रूकने से पाया गया। शादी को 15 साल हुए थे। पत्नी को यकीन नहीं हो रहा कि अब नरेंद्र कुमार कभी घर पर नहीं आएगा। नरेंद्र कुमार के चाचाए ताऊ सभी एक साथ रहते है।

2008 में भर्ती हुआ था चंडीगढ़ पुलिस में

नरेंद्र के साथ पुलिस कर्मचारियों ने बताया कि 1 नवंबर 2008 को नरेंद्र कुमार चंडीगढ़ पुलिस में भर्ती हुआ था। चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से भारत के उच्चायोग में प्रोटोकॉल अधिकारी के तौर पर गए चार साल हो चुके थे। अब भारत वापिस आने का समय था। बहुत मिलनसार स्वभाव का था। हर किसी के काम वो आता था। खुद का काम छोड़ कर दूसरे के काम करता था। भारत के उच्चायोग में प्रोटोकॉल अधिकारी के तौर पर सिलेक्ट होकर जाते है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

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