आत्मनिर्भरता पर केंद्रित होगा सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला

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आत्मनिर्भरता पर केंद्रित होगा सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला


पर्यटन मंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक, दिल्ली,गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत से चलेंगी मेला स्पेशल बस

चंडीगढ़, 06 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा का सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला इस बार विकसित भारत आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर केंद्रित होगा।

शिल्प महाकुंभ के तौर पर दुनिया भर में अपनी छवि बना चुके इस मेले में देश के अनूठे और सर्वश्रेष्ठ कलाकार, कलाकृति एवं प्रस्तुतियों के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और स्वदेशी को प्रोत्साहन देने वाला वातावरण पर्यटकों को लुभाएगा। अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के 39 वें संस्करण में प्रादेशिक संस्कृति और कला को प्रोत्साहन देने के मकसद से कल्चरल नाइट में विशेष तौर पर हरियाणवी कलाकारों की प्रस्तुति का आयोजन होगा।

चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में मंगलवार को विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ.अरविंद शर्मा ने पर्यटन विभाग निदेशक पार्थ गुप्ता, महाप्रबंधक ममता शर्मा एवं मातहत अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में 31 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित होने वाले 39 वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला की तैयारियों और प्रदेश भर में चल रही पर्यटन विकास की परियोजनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई।

पर्यटन मंत्री शर्मा ने विभाग में मुख्यमंत्री घोषणाएं और बजट घोषणाओं पर भी फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि मेला परिसर तक पर्यटकों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अंतरराज्यीय बस अड्डा कश्मीरी गेट, गुरूग्राम, पलवल, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत आदि जिलों से बसों के रूट निर्धारित करवाए जाएं, ताकि मेले के आकर्षण और छटा को देखने वाले आमजन को सहूलियत हो।

पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता ने बताया कि मेला में विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर सभी तैयारियों पर तेजी से काम किया जा रहा है। मेला परिसर में पर्यटकों की निरंतर बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए करवाए जा रहे सिविल वर्क में 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जिसे 20 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। यही नहीं पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, जनसुविधाएं, इंटरनेट व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत टिक्कर ताल, मोरनी व यादवेंद्र गार्डन, पिंजौर को विकसित करने के लिए 92 करोड़ रुपए के टेंडर लगाए जा चुके हैं। इसी प्रकार पांच टूरिस्ट कांप्लेक्स को पीपीपी मोड पर विकसित करने, ढोसी की पहाड़ी पर रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर मंथन किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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