हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए तीन नामांकन

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हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए तीन नामांकन


हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए तीन नामांकन


हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए तीन नामांकन


-भाजपा के संजय भाटिया,कांग्रेस के कर्मवीर व निर्दलीय सतीश नांदल मैदान में

चंडीगढ़, 05 मार्च (हि.स.)। प्रदेश में राज्य सभा के लिए एक बार फिर से वोटिंग होना तय हो गया है। हरियाणा में राज्य सभा की दो सीटों के लिए तीन प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। प्रदेश में गुरुवार को नामांकन के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी संजय भाटिया तथा कांग्रेस प्रत्याशी कर्मवीर बोध ने नामांकन दाखिल कर दिया। वहीं अंतिम समय में भाजपा नेता सतीश नांदल ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया।

राज्यसभा सांसद किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा की खाली हो रही ये दोनों सीटें भाजपा के पास हैं। राम चंद्र जांगड़ा मार्च 2020 में राज्यसभा सांसद बने थे। उनका कार्यकाल 10 अप्रैल 2020 से शुरू होकर 9 अप्रैल 2026 तक है। वे निर्विरोध चुने गए थे। वहीं, किरण चौधरी 27 अगस्त 2024 को राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध सांसद चुनी गई थीं। यह सीट दीपेंद्र हुड्डा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। दीपेंद्र ने रोहतक से सांसद बनने के बाद इस्तीफा दिया था।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में गुरुवार की सुबह विधायक दल की बैठक हुई। इस बैठक में भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, पार्टी प्रभारी सतीश पूनिया के अलावा पार्टी प्रत्याशी संजय भाटिया मौजूद रहे। विधायक दल की बैठक में संजय भाटिया ने सभी विधायकों से समर्थन मांगते हुए पार्टी हाईकमान तथा मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया।

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी कर्मवीर बोध के नाम का औपचारिक ऐलान होने के बाद पार्टी में विरोध हो गया है। हिसार जिले से संबंधित ओबीसी मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष नेता तेलू राम जांगड़ा ने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। बुधवार को रात भर कांग्रेस के खेमे में गतिरोध के बाद गुरुवार को भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में विधायक दल की बैठक हुई। कांग्रेस के अधिकतर विधायक कर्मवीर बोध से परिचित नहीं हैं। हाईकमान ने प्रदेश के सभी नेताओं को दरकिनार करते हुए कर्मवीर के नाम का ऐलान किया है। विधायक दल की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह तथा प्रभारी बीके हरिप्रसाद मौजूद रहे। इसी बैठक में पार्टी प्रत्याशी कर्मवीर बोध ने अपने नामांकन पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद पार्टी के दस विधायकों को प्रस्तावक के रूप में लेकर कर्मवीर बोध ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया।

नामांकन दाखिल करने के लिए बाद दोपहर तीन बजे तक का समय था। अंतिम समय में रोहतक जिले की गढ़ी सांपला किलोई विधानसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विरुद्ध तीन चुनाव लड़ चुके हरियाणा भाजपा के उपाध्यक्ष सतीश नांदल ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। जिससे कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में सतीश नांदल को भाजपा ने अपना समर्थन दिया है। वहीं निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल, राजेश जून और देवेंद्र कादियान के साथ नामांकन करने विधानसभा पहुंचे। नामांकन पत्रों की जांच शुक्रवार छह मार्च को होगी, जबकि उम्मीदवारी वापसी का अंतिम दिन नौ मार्च को है। मतदान 16 मार्च को निर्धारित है। इस चुनाव में प्रदेश के 90 विधायक भाग लेंगे।

कौन हैं सतीश नांदल

साल 2009 और 2014 में सतीश नांदल ने गढ़ी सांपला किलोई से इनेलो के टिकट पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विरुद्ध चुनाव लड़ थे। पहले चुनाव में नांदल 72 हजार और दूसरे चुनाव में करीब 47 हजार मतों से हार गए थे। तीसरा चुनाव 2019 में नांदल ने भाजपा के टिकट पर लड़ा था, लेकिन तब भी वे करीब 52 हजार मतों से चुनाव हार गए थे। इवसके बाद वह भाजपा में संगठन की राजनीति में सक्रिय हो गए थे।

कौन हैं कांग्रेस प्रत्याशी कर्मवीर बोध

कर्मबीर बौद्ध हरियाणा के अंबाला के रहने वाले हैं। वे हरियाणा सिविल सचिवालय से करीब 4 साल पहले प्रशासनिक अधिकारी (एडीओ) के पद से सेवानिवृत्त हुए। कर्मवीर की पत्नी श्रम विभाग में सहायक हैं। कर्मबीर बौद्ध हरियाणा सिविल सचिवालय से करीब 4 साल पहले एडीओ के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। कर्मवीर सचिवालय में खरीद-फरोख्त को देखते थे, केयरटेकर थे। यहां कुछ विवाद होने के बाद आरोप-प्रत्यारोप लगे तो कथित तौर पर स्टोर में आग लगी गई। इसके बाद तत्कालीन मुख्य सचिव ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इसके बाद आगे कोई प्रमोशन नहीं हुआ और ये एडीओ के पद से ही सेवानिवृत्त हो गए। कर्मवीर सिंह बौद्ध कांग्रेस में किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। वह ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं।

कौन हैं भाजपा प्रत्याशी संजय भाटिया

संजय भाटिया पानीपत के मॉडल टाउन के रहने वाले हैं। उन्होंने पानीपत के आईबी कॉलेज से बीकॉम की थी। कॉलेज के समय से ही वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे। 1987 में वह मंडल सचिव बने और 1989 में एबीवीपी के जिला महासचिव बने। 1998 में उन्हें भाजपा युवा मोर्चा का राज्य महासचिव बनाया गया। वह हरियाणा खादी और ग्राम उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव में वह करनाल से सांसद बने। भाटिया की जीत का अंतर वोटों के लिहाज से देश में दूसरे नंबर पर रहा था। उन्हें 70 फीसदी से ज्यादा वोट मिले। उन्हें 9 लाख 11 हजार 594 वोट मिले। उन्होंने कांग्रेस के कुलदीप शर्मा को 6 लाख 56 हजार 142 वोटों से हराया। 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने करनाल से संजय भाटिया का टिकट काटकर मनोहर लाल खट्टर को दे दिया। इसके बाद संजय भाटिया को विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़वाया गया। इसके बाद से वह संगठन में सक्रिय थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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