आईआईटी मद्रास के संजया एप से हादसाें पर काबू पाएगी हरियाणा पुलिस
चंडीगढ़, 15 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा पुलिस सडक़ सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक ऐतिहासिक परिवर्तनकारी पहल शुरू कर रही है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के सहयोग से विकसित संजया एप तथा बेसलाइन सर्वे एप की सहायता से अब सडक़ दुर्घटनाओं का विश्लेषण, अस्पतालों की कार्यकुशलता, गोल्डन ऑवर के भीतर उपचार उपलब्धता और ब्लैक स्पॉट सुधार की प्रक्रिया एकीकृत डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाएगी।
हरियाणा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने गुरुवार को चंडीगढ़ में जारी जानकारी में बताया कि हरियाणा पुलिस सडक़ सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इसे मिशन मोड में लागू करेगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में ऐसा तंत्र स्थापित किया जाएगा जिसमें दुर्घटना की सूचना मिलते ही जल्द से जल्द आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि हमारा विजऩ सडक़ इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स और जन-जागरूकता को आपस में समन्वयित करते हुए एक मजबूत और सतत प्रणाली लागू करना है।
आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित संजया एप से हाई फ्रीक्वेंसी एक्सीडेंट जोन और उभरते ब्लैक स्पॉट का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा। यह ऐप आईआरएडी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध दुर्घटना डेटा का उपयोग करते हुए उन स्थानों को दर्शाता है जहाँ दुर्घटनाओं की संभावना अधिक होती है। इस तकनीक को अपनाने के लिए सभी जिलों को लॉगिन क्रेडेंशियल उपलब्ध करवाए जा चुके हैं और आई मद्रास के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। इस तकनीक के इस्तेमाल से दुर्घटना संभावित क्षेत्र की पहचान और सुधार की कार्रवाई पहले की तुलना में अधिक तेज और सटीक होगी।
हरियाणा पुलिस और आईआईटी मद्रास द्वारा मिलकर तैयार की गई बेसलाइन सर्वे एप के माध्यम से प्रदेश के लगभग 1009 अस्पतालों को पंजीकृत किया गया है। यह ऐप अस्पतालों की रियल टाइम क्षमताओं जैसे ट्रॉमा केयर, विशेषज्ञ डॉक्टर, ब्लड बैंक की उपलब्धता और एंबुलेंस मूवमेंट को अपडेट रखने का माध्यम बनेगा। यह रेटिंग प्रणाली अस्पतालों को प्रतिस्पर्धी और उत्तरदायी बनाएगी तथा सडक़ दुर्घटना पीडि़तों को समय पर और बेहतर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करेगी।
डीजीपी ने बताया कि संजया एप पर राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और जिला सडक़ों का पूरा नेटवर्क डिजिटल मैप के रूप में उपलब्ध होगा। इसके साथ ही सभी अस्पतालों, एंबुलेंस यूनिट्स, ब्लड बैंकों और ट्रॉमा सेंटर्स का डेटा भी इसमें जोड़ा गया है। ऐप के माध्यम से दुर्घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस की उपलब्धता, नजदीकी अस्पताल की क्षमता और उपचार सुविधाओं की स्थिति तुरंत मॉनिटर की जा सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

